क्यों तड़पाती है दिल्ली की सर्दी, COLD WAVE हुआ जानलेवा: नसों में खून जमने से हो रहे हार्ट अटैक, कानपुर के एक अस्‍पताल में 22 मौतें

डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी के मौसम में बीपी और ब्लड शुगर बाकी के मौसम की तुलना में अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में इसके मरीजों को काफी ख्याल रखना होता है।

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एनसीआर समेत पूरे उत्‍तर भारत में मौसम की भारी मार पड़ रही है। अभी इससे राहत के आसार भी नहीं हैं। ठंड जानलेवा भी साब‍ित हो रही है। उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में एक द‍िन में और एक अस्‍पताल में ही 22 लोगों की मौत हो गई। कानपुर के एलपीएस ह्दय संस्‍थान में 5 जनवरी को आंकड़ा जारी क‍िया है। इसके मुताब‍िक सात लोगों की अस्‍पताल में मौत हुई और 15 लोग अस्‍पताल में जब लाए गए तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्‍टर्स का कहना है क‍ि ठंड की वजह से हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ रही हैं।

क्‍यों हो रहीं मौतें

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अविनाश सिंह ने जी न्यूज से बात करते हुए ऐसे मामलों पर बताया कि ठंड के चलते लोगों में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने संबंधी शिकायतें आ रही हैं। ब्लडप्रेशर बढ़ने से ठंड में मरीजों के नसों में खून के थक्के जम जा रहे हैं, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक पड़ रहा है और लोगों की मौत हो रही है। जिन लोगों को हार्ट की सर्जरी हुई हो, उनमें भी यह समस्याएं तेजी से आ रही हैं। ऐसे लोगों को अपना काफी ख्याल रखना होगा।

क्‍या रखें सावधानी:

डॉ अमित कुमार ने बताया कि लोगों में शीतलहरी में जानें से बचना चाहिए और घर में हल्की एक्सरसाइज कर लें। अगर बाहर धूप है तो ही बाहर जाएं, नहीं तो अधिक ठंड में बाहर जाने से बचें। डॉ अमित कुमार ने कहा कि ऐसे मौसम में खानपान भी असंतुलित हो जाता है, ऐसे में लोगों को समस्या हो सकती है। इस तरह के मौसम में लोगों को अधिक तली-भुनी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए।

वहीं डॉ अविनाश सिंह का कहना है कि हार्ट अटैक, हार्ट फेल होना, ब्रेन अटैक की समस्या इस मौसम में बढ़ जाती है। इसके बचाव के लिए लोगों को खराब हवा में जाने से बचना चाहिए। लोगों को अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें समय-समय पर अपना चेकअप कराना चाहिए।

बाहर निकलने से पहले लोगों को अपना कान ढककर निकलना चाहिए और तला-भुना, गरिष्ठ भोजन से परहेज करें। इसके अलावा शराब, धूम्रपान और दूसरे नशीले पदार्थों का भी इस मौसम में सेवन करने से बचे। इसके अलावा लोगों को रात में ब्लोअर चलाकर नहीं सोना चाहिए और कमरा बंद करने के साथ ही ब्लोअर बंद कर लें।

बता दें कि कड़ाके की ठंड में ब्रेन अटैक के जो मरीज अस्पताल में एडमिट हो रहे हैं, उनमें बहुत से रोगियों की मस्तिष्क की नसें फटने और खून के थक्के जमने की शिकायत सामने आ रही हैं। इसमें मरीजों के शरीर को लकवा मार रहा है।