दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिली। 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल। दिल्ली में अभी चुनाव में लम्बा समय है। 25 मई 2024 को लोक सभा का चुनाव होना है। आज सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर पार्टी बड़ी राहत मिली है।

111

नई दिल्ली: कोर्ट ने कहा की केस अगस्त 2022 में, गिरफ्तारी मार्च 2024 में; डेढ़ साल ED कहां थी। को 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी। अरविन्द केजरीवाल को 2 जून को हर हाल में सरेंडर करने को कहा गया है। हालांकि, उनके वकील ने 4 जून तक की रिहाई का अनुरोध किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया एक जून को खत्म हो जाएगी। केजरीवाल को 1 जून तक जमानत, चुनाव प्रचार कर सकेंगे:सुप्रीम कोर्ट बोला- केस अगस्त 2022 में, गिरफ्तारी मार्च 2024 में; डेढ़ साल ED कहां थी।

अरविंद केजरीवाल को शराब नीति केस में अंतरिम जमानत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जश्न मनाया।

अरविंद केजरीवाल को शराब नीति केस में अंतरिम जमानत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जश्न मनाया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 मई) को 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें 2 जून को हर हाल में सरेंडर करने को कहा गया है।

केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में 40 दिन (1अप्रैल) से तिहाड़ जेल में बंद हैं। अदालत ने दोपहर 2 बजे एक लाइन में फैसला सुनाया। आज शाम तक वे जेल से बाहर आ सकते हैं।

हालांकि, उनके वकील ने 4 जून तक की रिहाई का अनुरोध किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया एक जून को खत्म हो जाएगी।

अंतरिम जमानत का आधार, कोर्ट ने कहा- 22 दिन में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, ‘अगस्त 2022 में ED ने केस दर्ज किया। उन्हें मार्च (2024) में गिरफ्तार किया गया। डेढ़ साल तक वे कहां थे? गिरफ्तारी बाद में या पहले हो सकती थी। 22 दिन इधर या उधर से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।’

ED की अंतरिम जमानत के विरोध में 2 दलीलें

ED का कहना था कि चुनाव प्रचार जमानत का आधार नहीं हो सकता, क्योंकि ये कोई मौलिक या कानूनी अधिकार नहीं हो सकता।

ED ने ये भी कहा था कि जमानत देने से गलत मिसाल कायम होगी।

रिहाई कब तक हो सकती है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल की रिहाई आज शाम तक हो सकती है। उन्हें एक जमानत राशि के साथ 50,000 रुपए का जमानत बांड भरना होगा। तिहाड़ जेल से रिहाई के लिए इतनी रकम का मुचलका देना होगा। ट्रायल कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में अब आगे क्या

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर बहस अगले सप्ताह जारी रहेगी। 20 मई से शुरू होने वाली गर्मी की छुट्टियों से पहले याचिका पर फैसला सुनाने का प्रयास करेगी।’

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा, ‘केजरीवाल की अंतरिम जमानत की शर्तें AAP नेता संजय सिंह की जमानत पर लगाई गई शर्तों के समान होंगी।’

संजय सिंह को एक अप्रैल को इसी मामले में जमानत दी गई थी। कोर्ट ने संजय सिंह की जमानत के लिए तीन शर्तें रखी थीं।

वे जेल से बाहर जाकर आबकारी नीति केस से जुड़ी कोई बयानबाजी नहीं करेंगे।अपना पासपोर्ट सरेंडर करेंगे।दिल्ली से बाहर जाने पर जांच एजेंसी को बताएंगे और अपनी लाइव लोकेशन शेयर करेंगे।