देशी कोरोना वैक्सीन के दूसरे चरण के नतीजे अगले महीने आएंगे: नीति आयोग के सदस्य पॉल

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नई दिल्ली : देश में विकसित किए गए कोरोना के दो टीकों के दूसरे चरण के परीक्षण पूरे हो गए हैं। इन दो चरणों के परीक्षण के नतीजे नवंबर में आएंगे। उनके अध्ययन के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैडिला एवं भारत बायोटेक द्वारा विकसित दोनों टीकों ने दो चरणों के परीक्षण पूरे कर लिए हैं। नवंबर तक इनके नतीजे मिलेंगे। यदि आंकड़ों से टीके के सफल रहने की जानकारी मिलती है तो फिर तीसरे चरण के परीक्षण आरंभ होंगे।
उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ने अपने टीके के तीसरे चरण के परीक्षण फिर से आरंभ कर दिए हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन ट्रायल का हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई की नवंबर-दिसंबर तक यह परीक्षण भी पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोरोना का टीका उपलब्ध होगा, उसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। सरकार इसके लिए तैयारियां अभी से कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि टीके को पहुंचाने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम के शीत भंडारगृह के अलावा निजी क्षेत्र के शीत भंडारगृहों का आकलन किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मंगलवार को कोरोना पर मंत्रि समूह की बैठक में कोरोना टीकाकरण के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने वर्चुअल तरीके से की। बैठक में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद के. पॉल ने विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कोविड वैक्सीन के विकास की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने जनसंख्या के प्राथमिकता वाले वर्ग पर व्यापक अध्ययन प्रस्तुत किया जिन्हें सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल (सीडीसी), अमरीका और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुसार वैक्सीन की प्रारंभिक खुराक मिलेगी।
उन्होंने टीके की नवीनतम भंडारण स्थिति, भंडारण सुविधा में तापमान ( कोल्ड चेन), जीओ-टैग स्वास्थ्य केंद्रों आदि के बारे में बताया। साथ ही टीके की डिलीवरी प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन नेटवर्क को सुधारे जाने की भी जरूरत बताई। उन्होंने अवगत कराया कि अक्तूबर के अंत तक या नवंबर के शुरू तक स्वास्थ्यकर्मियों की सूची का काम पूरा हो जाएगा, जबकि अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सूची, गैर-वैक्सीन आपूर्ति की लॉजिस्टिक्स, कोल्ड चेन की मजबूती के काम विस्तृत कार्यान्वयन योजना के अनुसार किए जा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पॉजिटिविटी दर को पांच प्रतिशत से कम रखने, देशव्यापी मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम रखने के लिए आक्रामक जांच तथा सामान्य जनसंख्या के बीच कोविड अनुकूल व्यवहार की गंभीरता और मजबूती की जरूरत बताई। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक विमानन मंत्री हरदीप एस. पुरी, जहाजरानी (स्वतंत्र प्रभार), रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख लाल मंडाविया, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ‌आदि ने हिस्सा लिया।