र्नाटक में भाजपा विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग लिया इस्तीफा, कहा- कुछ लोग गरीबों को बचाने की जगह मजे कर रहे

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भारत में कोरोनावायरस महामारी से अब हर दिन रिकॉर्ड नए केस मिल रहे हैं। इतना ही नहीं मौतों की संख्या में भी हर दिन इजाफा हो रहा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, यूपी, दिल्ली, केरल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कर्नाटक में तो एक दिन में 50 हजार केसों का नया रिकॉर्ड बन गया। इसके बाद राज्य में भाजपा के विधायक एमपी रेणुकाचार्य ने स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर का इस्तीफा मांग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस स्थिति में सिर्फ मजे ले रहे हैं और गरीबों की जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं। अगर वे काम नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

दूसरी तरफ केरल में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ओर से किए गए ऐलान के मुताबिक, राज्य में अब 8 से 16 मई तक सख्त लॉकडाउन रहेगा। बता दें कि केरल में पिछले दो हफ्तों में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों की संख्या तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है।

पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 4 लाख 12 हजार 262 नए केस मिले। इसके अलावा रिकॉर्ड 3980 मौतें दर्ज की गईं। फिलहाल भारत में कोरोना के 35 लाख 66 हजार एक्टिव केस हैं। बता दें कि भारत में कोरोना के अब तक 2 करोड़ 10 लाख केस मिल चुके हैं। वहीं, 2 लाख 30 हजार से ज्यादा जानें गई हैं। हालांकि, इस दौरान 1 करोड़ 72 लाख 80 हजार लोग ठीक भी हुए हैं।

इस बीच नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की ओर से कहा गया है कि उत्तर भारत में कोरोना के केस बढ़ने की एक वजह इसका यूके वैरिएंट है, जिससे अधिकतर संक्रमित हुए हैं। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में कोरोना मामलों में उछाल के पीछे डबल म्यूटेंट वैरिएंट है।

NCDC के प्रमुख सुजीत सिंह ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने में भारत में यूके वैरिएंट के मामलों में कमी देखने को मिली है। सिंह का कहना है कि पंजाब (482 सैंपल्स), दिल्ली (516), तेलंगाना (192), महाराष्ट्र (83) और कर्नाटक (82) में यूके वैरिएंट मिला है। इसके अलावा डबल म्यूटेंट वैरिएंट के सबसे ज्यादा सैंपल्स महाराष्ट्र (761), पश्चिम बंगाल (124), दिल्ली (107) और गुजरात (102) में मिले हैं।

उन्होंने बताया कि टॉप-10 सरकारी लैब्स दिसंबर से ही कोरोना की जीनोम सिक्वेंसिंग के काम में लगी हैं। अब तक 18 हजार से ज्यादा सैंपल्स की सीक्वेंसिंग की जा चुकी है। सिंह के मुताबिक, सीक्वेंसिंग से जुड़ी जानकारी पहले फरवरी में दो बार राज्यों के साथ साझा की गई। इसके बाद चार बार मार्च में और चार बार अप्रैल में भी उन्हें कोरोना के नए वैरिएंट्स के बारे में चेताया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों को नए वैरिएंट्स के बारे में जानकारी देते हुए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे।