Vaccination Policy पर सरकार ने कहा- सब कुछ ठीक, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

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वैक्सीनेशन को लेकर आलोचना का सामना कर रही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। केंद्र ने अपनी टीकाकरण नीति (Vaccination Policy) का बचाव करते हुए कहा कि इसमें सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सभी को एक ही बार में टीका नहीं दिया जा सकता। सरकार ने कोर्ट में बताया कि वैक्सीन की सीमित उपलब्धता है और इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए ही टीकाकरण नीति बनाई गई थी।

 

18+ वालों का इसलिए दी अनुमति
सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन लगवाने की मंजूरी सिर्फ इसलिए दी गई क्योंकि कई राज्य इसकी मांग कर रहे थे। साथ ही केंद्र ने कहा कि वैक्सीन उत्पादकों से राज्यों को एक ही कीमत पर वैक्सीन सप्लाई के लिए कहा गया है। केंद्र ने हलफनामे में कहा कि हम पर विश्वास कीजिए, कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। सरकार ने कहा कि बहुत सोच-समझकर ही यह नीति बनाई गई है।

 

कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि वह खुद क्यों नहीं वैक्सीन की 100 प्रतिशत खरीद करता क्योंकि उसे तो 150 रुपए प्रति खुराक चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं राज्यों को वैक्सीन निर्माता कंपनियां 300 और 400 रुपये प्रति डोज दे रही है। वहीं केंद्र ने कहा कि उसे इसलिए कम कीमत में दवा मिल रही है क्योंकि उसने बड़ी मात्रा में टीके का ऑर्डर दिया है। केंद्र ने कहा कि राज्यों और प्राइवेट अस्पातलों की तुलना में सरकार ने बड़े ऑर्डर दिए हैं इसलिए कीमतों पर असर दिख रहा है।

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