केन्द्रीय आर्य युवक परिषद का 44 वाँ स्थापना दिवस सम्पन्न

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गाजियाबाद : केन्द्रीय आर्य युवक परिषद का 44 वां स्थापना दिवस समारोह ऑनलाइन सोल्लास मनाया गया । कोरोना काल में यह परिषद का 229 वां वेबिनार था। मुख्य अतिथि एमिटी शिक्षण संस्थान के निदेशक आनन्द चौहान ने कहा कि मै पिछले 36 वर्षों से आर्य युवक परिषद के साथ जुड़ा हुआ हूं। यह संस्था महर्षि दयानंद जी की विचारधारा को नई पीढ़ी में प्रेरित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। महर्षि दयानंद जी के आदर्शों पर चलकर ही समाज व देश का नवनिर्माण हो सकता है। आर्य युवक परिषद अनिल आर्य जी के नेतृत्व में युवा निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका शिविरों के माध्यम से कर रही है,जिसकी आज महती आवश्यकता है,इस पुनीत कार्य को और अधिक प्रचार प्रसार की आज आवश्यकता है ।

समारोह अध्यक्ष श्री आर.पी. रघुवंशी (निर्भीक,निष्पक्ष, संपादक,चेतना मंच,नोएडा) ने 229 वें वेबिनार में उपस्थित देश के कोने कोने से जुड़े लोगों को केंद्रीय आर्य युवक परिषद के 44 वें स्थापना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही आर्य समाज से जुड़े हैं तभी से उनको वैदिक विचारधारा को सुनना,बोलना,प्रसारित करना, अति प्रिय है। उन्होंने बताया कि मान्य चौधरी चरण सिंह जी जो देश के प्रधानमंत्री रहे और नगर आर्य समाज गाजियाबाद के प्रधान पद को भी सुशोभित किया था। वे आर्य समाज को अपने जीवन में जीते थे,यानी पहनावे में, व्यवहार में,आचरण में,वैदिक विचारधारा से ओतप्रोत थे।आर्य समाज एक जीवन जीने का मार्ग है।हमारा देश के प्रति समाज के प्रति परिवार के प्रति क्या कर्तव्य है, बहुत अच्छे ढंग से आर्य समाज में बताया जाता है।उन्होंने एमिटी शिक्षण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार चौहान के प्रति भी प्रशंसा व्यक्त करते हुए बताया कि वह विश्व का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान चला रहे हैं।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने गत 43 वर्षों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज राष्ट्र भक्ति का जज्बा बढ़ाने की आवश्यकता है, परिषद इसे और अधिक गति से आगे बढ़ायेगी ।उन्होंने कहा कि समाज के हर मुद्दे पर परिषद ने अहम भूमिका निभाई है। बहुकुण्डिय यज्ञ,आर्य महासम्मेलन,राष्ट्रीय व सामाजिक मुद्दों पर धरने प्रदर्शन, युवा संस्कार अभियान,चरित्र निर्माण शिविर, गोष्ठियां, वेबिनार आदि मुख्य अंग हैं।इस अभियान को और अधिक चलाया जाएगा। राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य महेन्द्र भाई ने परिषद की उपलब्धियों की चर्चा की।
आर्य नेता सत्यानन्द आर्य ने समाज व राष्ट्र के कार्यों की चर्चा करते हुए शुभकामनाएं दीं । गायिका उर्मिला आर्या,अंकित उपाध्याय, प्रवीण आर्या, दीप्ति सपरा, सौरभ गुप्ता ने भजन प्रस्तुत किये ।

प्रमुख रूप सेआचार्य गवेन्द्र शास्त्री,प्रवीना ठक्कर(मुम्बई),आनन्द प्रकाश आर्य(हापुड़), प्रवीण आर्य (गाजियाबाद),यशोवीर आर्य,गोबिंदसिंह भंडारी(बागेश्वर),सत्यभूषण आर्य(जिला व सत्र न्यायाधीश समस्तीपुर, अजेय सहगल(सी ई ओ,धर्मशाला केंट),सुभाष बब्बर(जम्मू),वेदव्रत बेहरा(उड़ीसा),रामानन्द आर्य(पटना),कृष्ण प्रसाद कौटिल्य(हजारीबाग),भानुप्रताप वेदालंकार(इंदौर),ईश आर्य(हिसार),स्वतंत्र कुकरेजा(करनाल),हरिचंद स्नेही(सोनीपत),शंकर देव आर्य(खण्डवा),मनु सिंह(देहरादून),दुर्गेश आर्य,रामकृष्ण शास्त्री(बहरोड़), शेलेन्द्र कुमार(मुजफ्फरपुर), आर्य,सुरेन्द्र शास्त्री,नरेंद्र आर्य सुमन,ओम सपरा, डॉ सुषमा आर्या आदि ने भी अपने विचार रखे ।