सामाजिक समरसता मंच के कार्यकर्ताओं ने तीन कोरोना मृतकों की अस्थियां विसर्जित की: अनिल जांगडा

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फरीदाबाद : [मामेन्द्र कुमार ] सामाजिक समरसता मंच के कार्यकर्ताओ ने आज ऐसे तीन कोरोना मृतकों की अस्थियों का विसर्जन किया जिनका विसर्जन उनके परिवार वाले किसी कारण नहीं कर पाए थे। मंच के पलवल जिला संयोजक संजीव तायल ने बताया कि इनमें से एक कोरोना मृतक की अस्थियाँ लावारिस थी तथा दो ऐसे लोगों की थी जिनका संस्कार उनके परिवारजनों ने किया परंतु किसी कारणवश अस्थियाँ चुनने नहीं आ पाए। उन्होंने बताया कि यह ध्यान में आया कि कुछ परिवार कोरोना महामारी के भयस्वरूप अथवा अन्य किसी कारण से अपने परिजन की अस्थि चुनने व विसर्जित करने मैं असमर्थ हैं। सामाजिक समरसता मंच ने यह निर्णय लिया था कि ऐसे सभी लोगों की अस्थियां पूरे संस्कार सहित गंगा में प्रवाहित करके आएंगे। इस हेतु आज सामाजिक समरसता मंच के कार्यकर्ता ऐसे सभी लोगो के अस्थि विसर्जन हेतु गंगा जी गए जिनके परिजन कोरोना में अस्थियां चुनने नही आएं। यह तीनों अस्थियाँ नूहँ रोड स्थित श्मशान घाट पर लगभग 10 दिन से रखी हुई थी। आज सामाजिक समरसता मंच के कार्यकर्ता संजीव तायल, विक्रांत, हेमन्त वर्मा, गौरव भार्गव, अनिल जांगड़ा, इन अस्थियों को लेकर गढ़गंगा गए जहां जाकर हिंदू परंपरा अनुसार पूरी श्रद्धा भाव सहित इन अस्थियों का विसर्जन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पलवल के सह जिला प्रचार प्रमुख डा राजेश कुमार जिन कार्यकर्ताओं के साथ अस्थि विसर्जन के लिए गए उन्होंने बताया कि हिंदू पद्धति में श्राद्थ तर्पण के बिना व्यक्ति की मुक्ति नहीं होती। अतः सामाजिक समरसता मंच का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कोरोना काल में मंच द्वारा किए गए समाज सेवा के अन्य कार्यो की भी भूरी भूरी प्रशंसा की।