लॉकडाउन में छात्रावास हुआ बंद तो अधीक्षक ने बनाया प्याज गोदाम… सरकारी बिजली से चल रहे पंखे

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शाजापुर : देशभर में स्कूल और कॉलेज कोरोना महामारी के कारण बंद पड़े हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के शाजापुर के खाली पड़े एक छात्रावास से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई है। प्रदेश सरकार में नेतृत्व करने वाले शिक्षा मंत्री के अपने ही जिले में स्कूली बच्चों के लिए बनाए छात्रावास का उपयोग प्याज के गोदाम के रूप में किया जा रहा है, वह भी उसी छात्रावास के अधीक्षक द्वारा। बड़ी बात तो यह सामने आई कि प्याज का स्टॉक बड़ी मात्रा में किया गया और वह खराब न हो, इसके लिए सरकारी बिजली का उपयोग कर एग्जॉस्ट फैन भी लगा दिए। जिला मुख्यालय पर ही आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास गैस गोडाउन रोड़ पर स्थित है, लॉकडाउन के दौरान बच्चे ना होने से इस पूरे छात्रावास को प्याज का गोडाउन एवं तबेला बना दिया गया। यहां मवेशी भी बंधे दिखाई दिए। सरकारी भवन का निजी उपयोग करने की जानकारी सामने आने पर पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यह खेल कई दिनों से चल रहा था। बडी मात्रा में यहां प्याज स्टॉक कर रखे गए। जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास संक्रमण की पहली ही लहर में खाली होना शुरू हो गया था। बड़े परिसर में बने इस भवन में बच्चों के रहने के लिए 8 से 10 बड़े कमरे बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार इस भवन का गोदाम का उपयोग पहले लहसुन और बाद में प्याज का स्टॉक करने के लिए कई दिनों से किया जा रहा था। इस दौरान मौके से ही कमरों में प्याज के सवाल पर छात्रावास अधीक्षक कमल बोड़ाना को कोई मलाल नहीं दिखाई दिया। फोन पर अपनी गलती नहीं मानते हुए उन्होंने यह तर्क दे दिया कि मैंने प्याज बेच दिए हैं, जल्द ही खाली करा दूंगा।