पाक में बलूचों पर हो रहे अत्याचारों को दर्शाने के लिए स्विट्जरलैंड में लगी फोटो प्रदर्शनी

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जिनेवाः स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार परिषद के चल रहे 47वें नियमित सत्र के दौरान UNHRC कार्यालय के सामने पाकिस्तान की काली करतूतों को उजागर करती 3  दिवसीय फोटो और पोस्टर प्रदर्शनी  लगाई गई । प्रदर्शनी में पाकिस्तान के सबसे बड़े और संसाधन संपन्न प्रांत बलूचिस्तान में स्वदेशी बलूच लोगों की दुर्दशा को उजागर किया गया  है। यह अभियान संयुक्त राष्ट्र  बलूच वॉयस एसोसिएशन द्वारा अभियान शुरू किया गया है।

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बलूच वॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीर मेंगल ने कहा कि  जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने  फोटो प्रदर्शनी और बैनर लगाने का उद्देश्य पाकिस्तानी बलों द्वारा बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को दिखाना है।  उन्होंने कहा कि उन्हें हर दिन  समाज के प्रतिनिधियों और वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स और परिवार के सदस्यों  से पाकिस्तानी बलों और गुप्त एजेंसियों द्वारा बलूच महिलाओं और बच्चों सहित बलूच लोगों के जबरन गायब होने की खबरें मिलती रहती हैं। बलूचिस्तान में स्वदेशी लोग सबसे खराब मानवाधिकार संकट का सामना कर रहे हैं । बलूचिस्तान में नागरिकों की न केवल हत्याएं और अपहरण आम हैं बल्कि पिछले कई वर्षों से आर्थिक शोषण बड़े पैमाने पर हो रहा है।

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मेंगल ने कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गायब  मामलों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि एक रिपोर्ट के अनुसार 40000 से अधिक बलूच लोग लापता हैं। मेंगल ने कहा कि हमारे पास रिपोर्ट है कि वहां पर  सड़कों, रेगिस्तानों या सड़क के किनारे पर क्षत-विक्षप्त कई शव बरामद किए गए हैं । कई बलूच लापता व्यक्तियों के परिवार के सदस्य न्याय की मांग के लिए क्वेटा, कराची और इस्लामाबाद में प्रेस क्लबों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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मेंगल ने बताया कि  पाक बलों द्वारा उठाए गए लोगों के पीड़ितों  परिवार के सदस्य वॉयस फॉर बलूच फॉर मिसिंग पर्सन्स के बैनर तले क्वेटा, कराची और इस्लामाबाद में प्रेस क्लबों में लगातार  विरोध कर रहे हैं और  लापता मामा कादिर बलूच और नसरुल्ला बलूच ठिकाने जानने के लिए लगातार   4000 से अधिक दिनों से प्रदर्शन जारी है। निर्वासित बलूच राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने  पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा अपहरण किए गए सभी लोगों को रिहा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र से  हस्तक्षेप की मांग की है।

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