ईरान का बड़ा दावा: अमेरिका के F-35 और F-15E फाइटर जेट्स को मार गिराया, पायलट भी गिरफ्त में।

कयास लगाए जा रहे हैं कि ईरान द्वारा मार गिराया गया विमान अमेरिका का अत्याधुनिक F-35 ही है, जिसमें पायलट भी सवार थे। माना जा रहा है कि इसी बड़ी क्षति और संवेदनशीलता के कारण अमेरिकी प्रशासन अभी तक इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है।

बड़ी खबर: क्या ईरान ने अमेरिका के ‘अजेय’ माने जाने वाले F-35 को मार गिराया? पायलट की गिरफ्तारी के दावों से मचा हड़कंप

तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो वैश्विक राजनीति और सैन्य संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है। ईरानी मीडिया और सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के दो सबसे घातक फाइटर जेट्स— F-35 लाइटनिंग II और F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया है।

पायलट की गिरफ्तारी: अमेरिका के लिए ‘दुःस्वप्न’?

तसनीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में एक अत्याधुनिक अमेरिकी विमान को निशाना बनाया गया। खबर है कि विमान के नष्ट होने से पहले अमेरिकी पायलट ने ‘इजेक्ट’ किया, लेकिन वह ईरानी सीमा के भीतर ही उतरा।

सूत्रों का दावा है कि अमेरिकी सेना ने अपने पायलट को बचाने के लिए एक ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ की कोशिश की थी, लेकिन उससे पहले ही ईरानी सेना ने उसे हिरासत में ले लिया। यदि यह खबर सच साबित होती है, तो दशकों बाद यह पहला मौका होगा जब किसी अमेरिकी पायलट को युद्ध की स्थिति में बंदी बनाया गया है।


पेंटागन की प्रतिक्रिया: F-15E पर सफाई, F-35 पर रहस्यमयी चुप्पी

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका का रुख बेहद चौंकाने वाला है:

  1. F-15E स्ट्राइक ईगल: अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उसका F-15E विमान पूरी तरह सुरक्षित है और ईरान के दावे को ‘दुष्प्रचार’ करार दिया है।

  2. F-35 लाइटनिंग II: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दुनिया के सबसे एडवांस ‘स्टील्थ’ फाइटर जेट F-35 को लेकर पेंटागन ने अब तक कोई खंडन या पुष्टि नहीं की है।

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है: “F-35 अमेरिका की सैन्य शक्ति का प्रतीक है। यदि ईरान इसे गिराने में सफल रहा है, तो यह अमेरिका की ‘स्टील्थ टेक्नोलॉजी’ (रडार से बचने की क्षमता) पर बहुत बड़ा सवालिया निशान होगा।”


पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल?

विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों की चुप्पी एक बड़े ‘बैक-चैनल डिप्लोमेसी’ का संकेत हो सकती है।

  • ट्रंप प्रशासन पर दबाव: अगर पायलट ईरान के कब्जे में है, तो ईरान इसका इस्तेमाल अमेरिका पर युद्ध खत्म करने या प्रतिबंधों में ढील देने के लिए एक ‘बार्गेनिंग चिप’ के रूप में कर सकता है।

  • सार्वजनिक शर्मिंदगी से बचना: अमेरिका कभी नहीं चाहेगा कि उसके अत्याधुनिक विमान के गिरने और पायलट के पकड़े जाने की खबर दुनिया के सामने आए, क्योंकि इससे उसकी ग्लोबल इमेज को गहरा धक्का लगेगा।


क्या वाकई F-35 को गिराना मुमकिन है? 

तकनीकी रूप से F-35 को गिराना बेहद कठिन माना जाता है।

  • स्टील्थ पावर: F-35 रडार की नजरों से ओझल रहने के लिए बनाया गया है।

  • ईरान की क्षमता: ईरान के पास रूस निर्मित S-300 मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी Bavar-373 है, जो लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम हैं।

  • पिछला इतिहास: 2019 में ईरान ने अमेरिका के बेहद महंगे Global Hawk ड्रोन को मार गिराया था, जिससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।

फिलहाल ये सभी दावे अटकलों के घेरे में हैं। लेकिन अगर ईरान तस्वीरों या वीडियो के जरिए पायलट की मौजूदगी की पुष्टि कर देता है, तो यह इस सदी की सबसे बड़ी सैन्य घटना साबित होगी। क्या अमेरिका अपनी चुप्पी तोड़ेगा? यह आने वाले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा।