मंत्री से कम नहीं है ‘लखीमपुर नरसंहार आरोपी’ का रुतबा, विधायक का टिकट भी मिलना तय था।

विशेष:यूपी के लखीमपुर खीरी में किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए बावल पर सियासत तेजी होती जा रही है. यूपी समेत दिल्ली से तमाम विपक्षी पार्टियों के नेता घट’नास्थल का दौरा कर रहे है और पीड़ि’त परिवारों से मिल रहे है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्र आरोपों से घिरे हुए है लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने अभी तक उन्हें गिरफ्ता’र नहीं किया है.
बीजेपी नेता आशीष पर आरोप है कि उन्होंने अपनी गाड़ी से कुचलकर किसानों की ह’त्या की है. इस मामले को लेकर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले पर दुःख जाहिर करते हुए पूरे मामले पर गंभीरता से जांच करने के आदेश जारी किये हैं.
कौन है अभियुक्त आशीष मिश्रा
आशीष मिश्रा मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के छोटे बेटे हैं. आशीष को उनके इलाके के लोग मोनू कहकर भी पुकारते हैं. वह पैतृक संपत्ति में पेट्रोल पंप और राइस मिल जैसे कई फैमली बिजनस का संचालन करते है और पिता के साथ राजनीती में भी सक्रीय रहते हैं.
साल 2012 में जब अजय मिश्रा को लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से विधायक का टिकट मिला था, इसी के बाद से ही उनके बेटे आशीष राजनीती में सक्रीय रहने लगे थे. जबकि अजय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत जिला पंचायत सदस्य के तौर पर की थी.
अजय मिश्रा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे आशीष के लिए विधायक का टिकट मांगा, लेकिन बात नहीं बन सकी. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने पिता की विधानसभा सीट निघासन में अपनी सक्रियता बनाए रखी.
