‘मुसलमान अपनी समस्याओं के साथ-साथ सामान्य मानवीय मुद्दों पर भी बात करे’
संपादकीय:हालात हमेशा एक जैसे नहीं रहते और हमारा देश तो कई सौ साल में कई रंग देख चुका है। मुग़ल सल्तनत के पतन के बाद ब्रिटिश राज और उसके बाद तहरीके-आज़ादी और फिर जश्ने-आज़ादी। आज़ाद भारत में हर दस साल बाद देश के हालात बदलते रहे और अब तो हर दिन…
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