भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है: डॉ. शेख अक़ील अहमद
73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय उर्दू परिषद में ध्वजारोहण समारोह।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली में आज 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उर्दू भाषा परिषद के निदेशक प्रो. शेख़ अक़ील अहमद ने भारतीय लोकतंत्र के गुणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्हों ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमें इस पर गर्व है। शेख़ अक़ील अहमद ने कहा कि इस साल स्वतंत्र भारतीय सेना के नेता और महान स्वतंत्रतासेनानी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन जोश ख़़रोश से मनाया गया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। शेख अकील ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस हमारे स्वतंत्रता के इतिहास में एक प्रमुख नाम है। भारत सरकार उनकी सेवाओं को स्वीकार कर रही है। इस मौके पर शेख अकील अहमद ने देश की रक्षा में भारतीय सेना के साहस, बहादुरी और आत्म-बलिदान का उल्लेख किया और कहा कि उनके बलिदान के कारण हमारा देश सुरक्षित है और जब भी ज़रूरत होती है उन्होंने इस देश के लिए कुर्बानी दी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले हमारे जवानों के अद्वितीय बलिदानों को भी स्वीकार किया है। उनकी याद में इंडिया गेट पर एक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाया गया है, जहां 1947 से अब तक शहीद हुए हजारों जवानों के नाम और परमवीरचक्र पुरस्कार विजेता सैनिकों के नामअंकित हैं और उनकी मूर्तियां भी बनाई गई हैं।
अमर जवान ज्योति की मशाल जलाने की दिशा मे ंसरकार ने अहम कदम उठाया और इस को युद्ध स्मारक मशाल में शामिल होकर सैनिकों के बलिदान को सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दी गई है।
शेख अकील अहमद ने कहा कि देश के कल्याण और विकास के लिए हमें मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अपने अधिकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार की गारंटी दी गई है और मोदी सरकार ने उसी के अनुसार कार्य किया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति सभी मातृभाषाओं की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर देती है। इस नीति में अन्य भाषाओं के साथ-साथ उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शेख अकील ने सभी उर्दू भाषी लोगों से अपील की है कि वह सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली उर्दू के प्रचार- प्रसार की योजनाओं और अवसरो का लाभ उठाएं। ध्वजारोहण समारोह में परिषद के सभी कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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