नरेंद्र मोदी संत हैं, संत का लक्ष्य दुनिया को सही दिशा दिखाने का होता है : स्वामी सदानंद जी
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी " प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के बीस वर्षो की जनसेवा - नरेंद्र मोदी : पहले और अब विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेन्टर व्यक्त की।

जर्नलिज्म टुडे ब्यूरो
नई दिल्ली: प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी संत हैं और संत का लक्ष्य दुनिया को सही दिशा दिखाने का होता है ये कथन श्रीश्री 108 स्वामी श्री सदानंद जी महाराज प्रणामी जी ने नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ” प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के बीस वर्षो की जनसेवा – नरेंद्र मोदी : पहले और अब विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेन्टर व्यक्त की। स्वामी श्री सदानंद जी महाराज ने कहा की, नरेन्द्र मोदी सनातनी है और सनातन संस्कृति को आधार बना कर भारत को फिर से विश्व गुरू बनाने के मार्ग पर अग्रसर है। कोई भी मार्ग तभी सफल होता है, प्रेरक होता है जब उसमें समर्पण होता है, कठिन परिश्रम होता है और दृष्टि चाकचौबंद होती है, दृष्टि प्रेरक व स्पष्ट होती है।
स्वामी जी ने कहा की, नरेन्द्र मोदी के सामने भारत की पुरातन गौरव गाथा को फिर से स्थापित करने का लक्ष्य है, भारत को तन,मन, धन और शक्ति से मजबूत बनाने का लक्ष्य है। सौभाग्य की बात है कि इन लक्ष्यों में कोई दुराग्रह नहीं है, कोई विसंगतियां नहीं है, कोई त्रूटियां नहीं है। स्वामी श्री सदानंद जी ने याद दिलाते हुए कहा की, कोरोना काल में देश के गरीबों के बीच भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को सीधे अनाज देकर, नकदी देकर और गैस-तेल देकर प्रतापी कार्य किये हैं। उन्होंने कहा की, कोरोना का इंजेक्शन किसने सबसे पहले दुनिया को भिजवाया, यही उनकी मानवीय मूल्यों को प्रदर्शित करता है।
स्वामी सदानंद जी ने कहा की प्रधानमंत्री सर्व समाज सद्भाव पर काम करते हैं। उन्होंने अपने जीवन में सभी धर्म, जाती और समुदाय को जोड़ कर चले हैं। योग को विश्व में सम्मान दिलवाया। उन्होंने परिवारवाद का विरोध कर राजनितिक लोग के लिए मिसाल बनाया।
मोदी ऑल टाइम और ऑल राउंडर चैंपियन हैं।
परिचयात्मक भाषण में नमो केंद्र के अध्यक्ष प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा की भारतीय राजनीति और लोक सेवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदय भारत में एक महत्वपूर्ण क्षण है। देश के लोगों के दिल और दिमाग पर उनका ऐसा प्रभाव है कि भारत के शासन प्रतिमान और राजनीतिक इतिहास को अब दो अलग-अलग युगों में विभाजित किया जा सकता है- मोदी से पहले और मोदी वर्तमान में। उन्होंने कहा की संत और संस्कृति का ही भारत देश है और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की विचार ही भारत को अखंड भारत बनाने में सफल होगा और वो दिन दूर नही जब भारत अखंड भारत का रूप लेगा। प्रो जसीम मोहम्मद ने स्वामी श्री सदानंद जी का आशीर्वाद लेकर इसी वर्ष नई दिल्ली में राष्ट्रीय संत सम्मेलन करने का निर्णय लिया है उसको अतिथियों को अवगत करवाया।
विशिष्ट अतिथि भारत के प्रधानमंत्री पूर्व मीडिया सलाहकार डॉक्टर एचएन शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यों का सरहाना करते हुए कहा की पुर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी के भारत यात्रा और उनके पांच मंत्रो को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ा रहे हैं।
दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल सिलीगुड़ी के संस्थापक दिलीप शर्मा ने कहा की, स्वामी श्री सदानंद जी महाराज ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को घर घर तक पहुंचाने लक्ष्य को हम पूरा करेंगे। उन्होंने नमो केंद्र द्वारा कार्यों की प्रसंशा भी किया।
डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर फरीद चुगतई ने नमो केन्द्र द्वारा किया जा रहा शोध कार्य की प्रशंसा किया कहा की मोदी युग है, मोदी एक विचारधारा है और सब कुछ सही चल रहा है।
प्रो दिव्या तंवर ने कहा की मोदी का प्रभाव केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चुनाव नियमित रूप से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेता घोषित करते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर विकास पाठक, सीमा गिल ने कहा की जिनकी तारीफ होती है तो कभी कभी उनका आलोचना भी होता है।
वरिष्ठ पत्रकार विपिन गुप्ता जी ने स्वामी श्री सदानंद जी को अपनी पत्रिका भेंट किया तथा एक स्वॉल भेंट किया।
जर्नलिज्म टुडे के समूह संपादक जावेद रहमानी ने इस मंच से प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए सभी धर्म के लोगो को साथ लेकर चलने के कार्यों को सराहा। अलीगढ़ पब्लिक स्कूल के शिक्षक डॉक्टर दौलत राम शर्मा ने स्वामी श्री सदानंद जी पर एक गुरुवर कविता का पाठ किया और विचार रखी।
अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार व लेखक अनिल महेश्वरी जी ने किया और संचालन ममता किरण ने किया। इस अवसर पर अनिसूल हक़, तनु मिश्र, दीपिका सिंह, रेहाना रहीम, सुबिया रहमान, कुंदन झा, आयशा खन्ना को स्वामी श्री सदानंद जी महाराज के कर कमलों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
