बीच भाषण में फूट-फूट कर क्यों रोए असदुद्दीन ओवैसी? ‘बुलडोजर’ कार्रवाई पर जताया दुःख

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शुक्रवार को खरगोन और जहांगीरपुरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ गलत कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। राम नवमी और हनुमान जयंती के दौरान देश के कई राज्यों से हिंसा की खबरें सामने आई थी। इसके बाद दंगइयों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ कार्रवाई की गई थी।

मक्का मस्जिद में अलविदा जुमा पर आयोजित कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि खरगोन और जहांगीरपुरी में मुसलमानों के साथ गलत हुआ है, उनके घर गिराए गए। उन्होंने आरोप लगाए, ‘हमारे देश में मुसलमानों का उत्पीड़न देखा जा सकता है। उत्पीड़न के जरिए वे हमें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उम्मीद और हिम्मत नहीं खोना है।

AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनके पास कई घटनाओं की जानकारी आई। उन्होंने बताया कि कई कॉल आते हैं, जो अन्याय होने की बात कहते हैं। ओवैसी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश में मुसलमानों परिवारों के घर तबाह कर दिए गए। सेंधवा में 13 घर गिरा दिए गए। वसीम शेख की दुकान गिराई गई और उनके पास दो हाथ नहीं हैं, आरोप हैं कि उन्होंने पत्थर फेंके।’

उन्होंने कहा, ‘हरियाणा में हमने एक बुजुर्ग का वीडियो देखा। खुद को गौ रक्षक कहने वालों ने उन्हें दाढ़ी से पकड़ा और बुरी तरह पीटा। हरियाणा में एक और शख्स को गोकशी के आरोप लगाते हुए घर से अगवा किया और उसे बेरहमी से पीटा गया।’

इनपुट: जनसत्ता