मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है : एसडीएम विवेक कुमार
हमदर्द नेशनल फाउंडेशन व सायबान फाउंडेशन के सहयोग से जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए।

संवादाता जर्नलिज्म टुडे
नई दिल्ली: दिल्ली में कड़ाके की ठंड के चलते हमदर्द नेशनल फाउंडेशन व अन्य एनजीओ के प्रयासों से पिछले कई सप्ताह से ऐसे जरूरतमंद व बेसहारा लोगों को कंबल बांटे जा रहे हैं। इसी क्रम में हमदर्द नेशनल फाउंडेशन (हेका) व सायबान फाउंडेशन के सहयोग से आईपी एक्सटेंशन पटपड़गंज स्थित करिश्मा अपार्टमेंट के गेट के निकट जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण का अद्भुत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर गांधीनगर के एसडीएम विवेक कुमार, शिक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अब्दुल मतीन, करिश्मा अपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रमेंद्र शर्मा, अश्विनी खन्ना, आम आदमी पार्टी की नेता रजिया शेख विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
एसडीम श्री विवेक कुमार ने कहा कि हमदर्द नेशनल फाउंडेशन (हेका) के ओएसडी शौकत मुफ्ती और सायबान फाउंडेशन के महासचिव जावेद रहमानी की गरीबों और बेसहारा लोगों को कंबल बांटने की पहल बहुत सराहनीय है और आप दोनों बधाई के पात्र हैं। उन्हों ने कहा कि सेवा भाव से जरूरतमंदों को इतनी बड़ी संख्या में कंबल वितरण के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान करने का बहुत आभारी हूं।
श्री विवेक कुमार ने कहा कि आप सब का दूसरों के लिए सहूलियत पैदा करना यही मनुष्य का सबसे बड़ा कर्तव्य और धर्म भी है। इस अवसर पर मतीन अहमद ने संवाददाता से बात करते हुए कहा कि जिस प्रकार दिल्ली में ठंड का प्रोकोप बढ़ रहा है ऐसे माहौल में यह संस्थाओं द्वारा उनको ठंड से निजात दिलाने के लिए उनकी मदद कर रहे हैं यह बहुत सराहनीय कदम है। करिश्मा अपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रमिंद्र शर्मा ने कहा कि आज का नए साल की शुरूआत और सेवा भाव से गरीबों के लिए हमदर्द नेशनल फाउंडेशन और सायबान फाऊंडेशन के ज़रिए एक अच्छी मिसाल कायम की गई है जिसे और भी लोग प्रेरित होकर भविष्य में ऐसे कार्य में योगदान करेंगे।
उन्हों ने कहा कि एक समय में लोग बीना खाए जीवित रह सकते हैं लेकिन ठंड से नहीं बच सकते हैं। इस कार्यक्रम में 300 जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, पत्रकार व डॉक्टर मौजूद रहे, जिनमें उल्लेखनीय नाम डॉ. मुख्तार आलम, अश्वनी खन्ना, एशियन पत्रिका के संपादक इमरान कलीम, राशिद रहमानी, विकास कुमार मिश्रा, प्रमिंदर शर्मा, आसिफ रहमानी हैं।
