लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा लगभग 1000 ऐसे परिवार में रहने वाली माता बहने जो कि गर्भवती हैं उनको संस्थान द्वारा मुफ़्त दवा मुहैया कराया जाता है: माधवी लता

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सांवदाता को सम्बोधित किया।  उन्होंने बताया कि किस तरह से इस संस्था की जज माधवी लता काम करती हैं और इस काम से गरीब लोगों का कितना फायदा होता है।

नई दिल्ली: हैदराबाद के पुराने शहर में लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा लगभग 1000 ऐसे परिवार में रहने वाली माता बहने जो कि गर्भवती हैं उनको यह संस्थान दवा देते हैं अथवा अच्छे डॉक्टर के पास दिखाते हैं उनकी गर्भावस्था में विशेष रूप से ध्यान रखते हैं। उनके खून, पेशाब की जांच करवाते हैं और उनको अच्छे भोजन की व्यवस्था भी करते हैं जिससे गर्भावस्था में मां का स्वास्थ्य अच्छा रहे और उनके पेट में पलने वाला बच्चा भी अच्छी तरह से बड़े और स्वस्थ होकर पैदा हो। प्रसव के समय भी वह लोग उनको अच्छे अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाते हैं और प्रसव अच्छी तरह से हो उसकी सारी व्यवस्था करते हैं। इतना ही नहीं प्रसव होने के बाद भी यह संस्था मां और होने वाला बच्चे का बहुत ज्यादा ध्यान रखते हैं। उन्हों ने बताया कि होने वाले बच्चे का विशेष ध्यान दिया जाता है उनको कपड़े दिए जाते हैं। साबुन तेल दिया जाता है और अच्छा भोजन दिया जाता है जिससे वह बच्चा अच्छी तरह से बड़े और उसकी लालन पोषण में कोई कमी नहीं रहे और इस तरह से बच्चा मा स्वस्थ हो। इस बारे में नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय मंत्री समाज कल्याण डॉक्टर रामदास अठावले के निवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सांवदाता को सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से इस संस्था की जज माधवी लता काम करती हैं और इस काम से गरीब लोगों का कितना फायदा होता है। इस अवसर पर माधवी लता ने भी अपने कार्यों के बारे में विस्तार से जर्नलिज्म टुडे संवाददाता को बताया। उन्हों ने कहा कि हमारी कोशिश है कि कोई भी महीला गर्भावस्था में उनको किसी तरह की कठिनाइयों एवम होने वालों बच्चों स्वस्थ रहें इसका विशेष तौर पर ध्यान दिया जाता है।