चित्तौड़गढ़ ज़िले के पेरा-टीचर्स का प्रशिक्षण।
चित्तौड़गढ़: राजस्थान में पहली बार नवाचार करते हुए ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और इंस्टीट्यूट ऑफ पोलिसी स्टडीज एण्ड एडवोकेसी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आरएनटी लाॅ कालेज, चित्तौड़गढ़ में ज़िले के पेरा-टीचर्स का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। विश्व अल्पसंख्यक दिवस के अवसर रखे गये इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज ऑफ टीचर ट्रेनिंग के चेयरमैन गोविंद गदिया ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप चित्तौड़गढ़ ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध, मुख्य वक्ता इंस्टीट्यूट ऑफ पोलिसी एण्ड एडवोकेसी के अध्यक्ष डा अब्दुल रशीद अगवान और विशिष्ट अतिथि के रूप आरएनटी टीटी कालेज की प्रभारी प्रिंसिपल अंजुम माथुर ने संबोधित किया। कार्यक्रम के
अंतिम सत्र में मुख्य अतिथि आरएनटी ग्रुप ऑफ कालेजेज कपासन के चेयरमैन डा वसीम ख़ान ने जिले के विभिन्न स्थानों से आये अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों में पढ़ाने वाले पेरा-टीचर्स को अपने संबोधन के बाद सर्टिफिकेट दिये।
इस कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति पर कृति संस्थान निम्बाहेड़ा के सिराज ख़ान, एजूकेशन टेक्नोलोजी पर आरएनटी कालेज कपासन के कम्प्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष श्याम लाहोटी और अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा से जुड़ी समस्याएं और निदान पर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सामरी के प्रधानाचार्य अय्यूब ख़ान ने अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम का संचालन कृति संस्थान के वसीम इरफ़ानी ने और संयोजन निशात एकेडमी के आसिम ख़ान ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने संविधान के सम्मान और उसमें दिये गये अधिकारों और कर्तव्यों की रक्षा की शपथ ली और अल्पसंख्यक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
चित्तौड़गढ़़, निम्बाहेड़ा, बेगूं, कपासन, सावा, बस्सी, रावतभाटा, आकोला, कन्नोज, कनेरा और बिनोता से आये पेरा टीचर्स ने इस शिविर का लाभ उठाया और इसे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का एक सराहनीय प्रयास बताया।
