डीएफसी तकनीकी दृष्टि से विश्व के सबसे उन्नत नेटवर्क में एक : महाप्रबंधक सुधीर चंद्र

जर्नलिज़म टुडे ग्रुप के एडिटर इन चीफ जावेद रहमानी से बात करते हुए सुधीर चंद्र ने कहा कि डीएफसी द्वारा देश की अर्थ व्यवस्था को निरंतर लाभ पहुंच रहा है। इस भेंट में उन्हों ने विस्तार से डीएफसी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को बताया।

जर्नलिज़म टुडे संवाददाता

नई दिल्ली – डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के समूह महाप्रबंधक यातायात और संरक्षा सुधीर चंद्र कुमार ने एक शिष्टाचार मुलाक़ात में बताया कि भारतीय रेल यात्रियों और माल परिवहन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है।

डीएफसी महाप्रबंधक सुधीर चंद्र को जर्नलिज्म टुडे ग्रुप के एडिटर इन चीफ जावेद रहमानी और जर्नलिज्म टुडे बिहार के ब्यूरो चीफ क़मर अख़्तर गुलदस्ता भेंट करते हुए।

भारत सरकार द्वारा देश में मालगाड़ी परिवहन को एक विशेष योजना के तहत देश में पहली बार मालवाहक गाड़ियों के लिए समर्पित रेल नेटवर्क स्थापित करने के लिए डेडिकेटिड फ्रेट कोरीडोर कॉपोरेशन की स्थापना की गईं है । उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को साकार करते हुए लुधियाना से सोननगर तक पूर्वी कोरीडोर और दादरी को मुंबई से जोड़ता पश्चिमी कोरीडोर किसी आश्चर्य से कम नहीं। डीएफसीसीआईएल ने सात राज्यों के 57 जिलों में सुनियोजित ढंग से भूमि अधिग्रहण का कार्य सफलता पूर्वक कर किया। इस महा परियोजना के लिए डीएफसी ने कुल 11 हजार हेक्टयर भूमि अधिग्रहण की गई। स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार के निवेश के साथ ही डीएफसीसीआईएल को जायका यानी जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी और वर्ल्ड बैंक का भी वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।
समूह महाप्रबंधक सुधीर चंद्र ने बताया कि फ्रेट कोरीडोर के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए डीएफसीसीआईएल द्वारा संपूर्ण नेटवर्क को लेवल क्रासिंग रहित बनाया गया है। लगभग 900 से अधिक लेवल क्रासिंग के स्थान पर रोड ओवर ब्रिज या सबवे बनाए गए। देश की प्रमुख नदियों जैसे यमुना, नर्मदा, सोन आदि पर 5000 से भी अधिक पुल बनाए जा रहे हैं। यही नहीं डीएफसी में 53 रेल फ्लाईओवर भी शामिल है, जहां एक के ऊपर से गुजरती दूसरी रेल लाइन का भव्य नजारा देखते ही बनता है। भारत सरकार के प्रयासों से वर्ष 2014 के पश्चात डीएफसी परियोजना ने विशेष तेजी पकड़ी। ट्रैक निर्माण विद्युतीकरण, सिगनलिंग आदि के कायों को त्वरित गति से पूरा करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया गया।

सुधीर चंद्रा ने बताया कि 29 दिसबंर, 2020 को कोविड संकट को पार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी कोरीडोर के 351 किमी लंबे खुर्जा भाऊपुर खंड का उद्घाटन किया। इसके एक सप्ताह पश्चात 07 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री ने पश्चिमी कोरीडोर के 306 किमी लंबे रेवाड़ी-मदार खंड का भी उद्घाटन किया। वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री ने WDFC के 353 किमी लंबे मदार-पालनपुर खंड और 75 किमी लंबे पालनपुर मेहसाणा खंड को राष्ट्र को समर्पित किया। जुलाई 2023 में EDFC के डीडीयू सोननगर खंड को प्रधानमंत्री के द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया। 18 Dec 2023 को न्यू डीडीयू से न्यू भाऊपुर 402 km खंड को देश को समर्पित किया ।आज EDFC, 100 प्रतिशत और WDFC 76 प्रतिशत का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस प्रकार डीएफसी का कुल 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, मार्च 2024 तक 95 प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य है। डीएफसी में माल गाडियों की अधिकतम लंबाई 700 नहीं बल्कि 1500 मीटर तक संभव है, वहीं डबल स्टैक कंटेनर वहन करने की काबिलियत भी है। एक मालगाड़ी की अधिकतम क्षमता अब बढ़कर 12000 टन तक पहुंच गई है। डीएफसी तकनीकी दृष्टि से भी विश्व के सबसे उन्नत नेटवर्क में से एक है। डीएफसीसीआईएल ने प्रयागराज और अहमदाबाद में ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस), स्काडा (SCADA) आदि से लैस दो ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर स्थापित किए है। यहां से वीडियो पर रियल टाइम में प्रयागराज से पूर्वी कोरीडोर के 1337 किमी और अहमदाबाद से पश्चिमी कोरीडोर के 1506 किमी लाइंस का सुचारु संचालन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि फ्रेट ऑपरेशन्स के सुचारु प्रबंधन के लिए डीएफसी ने अपना एक इन हाउस सिस्टम DFIS यानि डेडिकेटिड फ्रेट इन्फॉरमेशन सिस्टम विकसित किया है, जिसमें आपको एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत की झलक मिलती है। इसकी सहायता से देश में पहली बार मालगाड़ियां एक निश्चित टाइम टेबल से चलाई जाएंगी। DFC से देश की अर्थ व्यवस्था को अनेक लाभ पहुंच रहे हैं। डीएफसी पर परिचालन शुरु हो जाने से पूर्वी भारत के कोयला क्षेत्रों से उत्तर और पश्चिमी भारत के पॉवर प्लांट तक कोयला ढुलाई का समय 50 प्रतिशत तक घटा है। जिसके परिणाम स्वरूप भंडारण लागत में 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत की कमी आई है। कंट्रेनर कार्गो के बेहतर संचालन से पश्चिम भारत के पोर्टस से होने वाले आयात निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है जो भारत को पांच ट्रिलियन की अर्थ व्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। डीएफसी के माध्यम से न सिर्फ लोगों को रोजमर्रा की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध होंगी बल्कि ऑटोमोबाइल, ई-कॉमर्स, एमएसएमई आदि क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रेफ्रीजरेटेड ट्रेन और किसान रेल के माध्यम से कृषि व खाद्य प्रसंस्करण को बल मिलेगा। डीएफसी के विस्तार से न केवल भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बनने की राह में आगे बढ़ेगा। बल्कि युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। डीएफसीसीआईएल माल परिवहन के क्षेत्रों में कुछ नए इनोवेशन भी लेकर आया है। जैसे ट्रक ऑन ट्रेन, डबल स्टैक डिब्बे, पेरिशेबल गुड्स के लिए स्पेशल ट्रेन आदि। इसके साथ-साथ डीएफसीसीआईएल महत्वपूर्ण स्थानों पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और फ्रेट टर्मिनल का निर्माण भी कर रहा है। जिससे ई-कॉमर्स को विशेष लाभ होगा और लॉजिस्टिक लागत को 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत के नीचे लाने में सहायता मिलेगी। डीएफसी के माध्यम से अगले 30 वर्ष तक 450 मिलयन टन सीओ-2 के उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इस परियोजना से प्राप्त अभूतपूर्व ज्ञान व अनुभव अब डीएफसीसीआईएल को किसी भी राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय इंफ्रा संबंधित परियोजना को पूरा करने में और भी सक्षम बनाता है।
शिष्टाचार मुलाक़ात में जर्नलिज़म टुडे ग्रुप के सीईओ व मुख्य संपादक जावेद रहमानी व जर्नलिज़म टुडे ग्रुप के बिहार ब्यूरो प्रमुख मो कमर अख्तर ने बुके भेंट कर सम्मानित किया।