शकील उज्ज़मा अंसारी ने इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के नव निर्वाचित अध्यक्ष सलमान खुर्शीद द्वारा गठित कमेटी से ख़ुद को अलग कर खुला पत्र लिख कर विरोध जताया है।।

शकील उज्ज़मा अंसारी बिहार के पूर्व मंत्री रह चुके हैं अथवा इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के लाईफ मेंबर हैं। सेंटर के चुनाव में अध्यक्ष पद के पैनल में पुर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की खुल कर हिमायत की थी, बल्कि चुनाव के समय हर मीटिंग में स्टेज भी साझा किया था लेकिन अभी पिछले हफ्ते नव निर्वाचित अध्यक्ष द्वारा महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया गया है जिसमें IICC के ऐसे बहुत लाइफ मेंबर को उन्होंने कमेटी में शामिल किया है। इसको लेकर के लोगों में बहुत नाराजगी भी देखी जा रही है इसी नाराजगी का नतीजा है कि शकील उज्ज़मा अंसारी ने इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद को एक पत्र लिखकर के कमेटी के गठन पर अपनी नाराजगी जताई है। इस पत्र में कहा गया है कि कमेटी में जिन लाइफ मेंबर को शामिल किया गया है उस में उनकी मर्ज़ी शामिल नहीं है।

शकील उज्ज़मा अंसारी, पुर्व मंत्री बिहार

 

आदरणीय सलमान खुर्शीद साहब।

इंडिया इस्लामिक कल्ट्रल सेंटर के लिए आप ने कुछ कमिटी का गठन किया है वे मेरी नजरो से गुजरा है।कुछ बिंदु कि ओर आप ध्यान आकर्षित करना आवश्यक है:

1. आप को सदस्यों को किसी कमिटी में उन की सहमति लिए बिना मनोनित करने का अधिकार किस ने दिया। जिस का मकसद कुछ महत्पूर्ण लोगो को केवल बेइज्जत करना था?

2. आप को अध्यक्ष बने कम ही समय गुजरे हैं मगर आप की कार्य क्षमता से अंदाजा हो गया है की आप पुरानी कमिटी की पेस्ट कॉपी कर रहे हैं। जिस का मकसद आईआईसीसी के विकार व इज्जत बचाने के बजाए अपने निजी स्वार्थ में काम करना था।

3. जनाब सिराजउद्दीन कुरैशी साहब से जो सेंटर के सदस्य नाराज़ थे वह उनसे पर्सनल रंजिश की वजह कर नही थी बल्कि आईआईसीसी के हित में काम न करने की वजह से थी जिस से आईआईसीसी का बहुत अधिक नोकसान हो रहा था। जो लोग उनका विरोध कर रहे थे उन में मेरे जैसे लोग भी शामिल थे जो हर गलत काम के विरोध में आवाज उठाते रहते चाहे वो एजीएम की मीटिंग हो, या जब मैं ने चुनाव लड़ा हमेशा आईआईसीसी में रह कर गलत काम के खिलाफ आवाज उठाता रहा चुन और भागा नहीं।

4. हम मेंबरान ने आप का साथ दिया और आप को आगे भी पूरा सहयोग देते रहेंगे लेकिन हर उस कार्य के लिए जिस से सेंटर का विकार ऊंचा हो और सैंटर के मूल रूप से मकसद पर काम होना चाहिए। वरना हम लोग आप के द्वारा सेंटर के हित में कार्य नहीं किए जाएंगे तो फिर हम विरोध करने में और आवाज़ उठाने में भी पीछे नही रहेंगे।

5. आप ने भी एक टोला बना लिया (इलेक्टेड छोर कर) जो डर वा खौफ का माहौल बना कर लूट खसोट करने का इरादा रखते हैं।

5, मेरे मना करने के बावजूद मेरी बेइज्जती के ख्याल से जिस कमिटी में मुझे मेंबर बनाया है उस से मैं त्याग पत्र देता हूं और जिन मेंबर की सहमति लिए बिना आप ने जिसे कमिटी में मेम्बर बनाया है पहले उन सभी से इजाजत लिए जाएं, जब तक आप सभी कमिटी को अस्थागित रखें।

(शकील उज्जमा अंसारी)