स्व. अतीक मुजफ्फरपुरी उर्दू एवं साहित्य जगत में योगदान के लिए हमेशा याद किये जाते रहेंगे : मौलाना अब्दुल सत्तार

पत्रकार अतीक मुजफ्फरपुरी की 10वीं पुण्यतिथि पर कुरानखानी का आयोजन। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण लोगों ने शामिल हो कर स्वर्गीय अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी की जीवनी पर व्याख्या से प्रकाश डाला।

मुजफ्फरपुर (औराई) : प्रसिद्ध शायर, लेखक, पत्रकार एवं सायबान उर्दू अखबार के संस्थापक स्व. अतीक मुजफ्फरपुरी की 10वीं बरसी के अवसर पर उनके मुजफ्फरपुर जिला के महेश स्थान स्थित अतीक मंजिल में कुरानखानी का आयोजन किया गया। जिसमें इलाके के सामाजिक, साहित्य और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने भाग लिया। मकसूदपुर स्थित मदरसा जामिया कादरिया मदरसा के शिक्षक एवं छात्रों ने कुरान की तिलावत कर स्व अतीक मुजफ्फरपुरी के मगफिरत दुआ की।

इस अवसर पर उनके बड़े पुत्र जर्नलिज़म टुडे ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ जावेद रहमानी ने स्व. अतीक के साहित्यिक व पत्रकारिता की सेवा का जिक्र करते हुए उनके निधन को 10 वर्ष बीत चुका है लेकिन मुझे कभी ऐसा नही लगा कि वह हमारे बीच नही हैं। वह मरणोपरांत भी हमारी निगहबानी कर रहे हैं। स्व. अतीक के छोटे पुत्र बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत डॉ. मुख्तार आलम ने दुःख प्रकट करते हुए कहा कि बाप का साया उठ जाना छोटे पुत्र के लिए काफी कष्टदायक होता है। अल्लाह उनकी मगफिरत करे और जन्नत में आला मुकाम अता करे।

मकसूदपुर मदरसा के मौलाना अब्दुल सत्तार ने उन्हें याद करते हुए कहा कि स्व. अतीक पूरे देश में उर्दू और साहित्य जगत में कार्य करने के लिए जाने जायेंगे। उन्हें उर्दू से बे पनाह मोहबब्त थी। पत्रकारिता के क्षेत्र में जो उन्होंने कारनामा अंजाम दिया था वह यकीनन रहती दुनियां तक सदका जारिया से कम नही है।

प्रभात खबर के पत्रकार फिरोज़ अख़्तर ने कहा की स्वर्गीय अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी हमारे गांव महेश स्थान के लिए एक धरोहर थे। उन्हों ने गांव के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश किया है, स्वर्गीय अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी ने शिक्षा को अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण विषय बनाया यही वजह है की आज उनके परिवार में 6 डॉक्टर मौजूद हैं जो निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। पत्रकार फिरोज़ अख़्तर ने कहा कि अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी जैसे महापुरुष सदियों में पैदा होते हैं जो अपने गुणों की वजह से क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर जाते हैं। वरिष्ठ पत्रकार एम एस हसन ने कहा कि स्व. मुजफ्फरुरी ने अपने जीवनकाल में पत्रकारिता की सच्ची मिसाल पेश की और उनकी ईमानदार लेखनी को हमेशा याद किया जाएगा।