तस्मिया जूनियर हाई स्कूल का 34वाँ वार्षिक समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न।
मुज़फ्फरनगर:
तस्मिया जूनियर हाई स्कूल, मुज़फ्फरनगर में विद्यालय का 34वाँ वार्षिक समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट एवं साइंस प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की सराहना की गई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुश्री रेशमा तबस्सुम, वरिष्ठ शिक्षिका, ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात डॉ. एस. फारूक ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे
(पद्मश्री सम्मानित, पूर्व कुलपति, मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय, जोधपुर, राजस्थान) को पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इसके बाद पवित्र क़ुरआन की तिलावत, उसके उर्दू व अंग्रेज़ी अनुवाद तथा नात-ए-पाक प्रस्तुत की गई। नात के उपरांत विद्यालय की पत्रिका “नूर” का विमोचन किया गया। इसके बाद विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट श्री जावेद मज़हर (कार्यवाहक प्रधानाचार्य) द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें शैक्षिक प्रगति, अनुशासन और नैतिक शिक्षा पर प्रकाश डाला गया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनकी सफल निज़ामत श्रीमती खुश्नसीब, वरिष्ठ शिक्षिका, द्वारा की गई।
पुरस्कार वितरण समारोह में टॉपर विद्यार्थियों को ₹1000 का चेक, स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पूरे सत्र में पूर्ण उपस्थिति रखने वाले विद्यार्थियों को भी मemento एवं प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
पूरे वर्ष नियमित उपस्थिति के लिए श्री जावेद मज़हर एवं श्री चाँद मियाँ को ₹1000 एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों को विशेष सम्मान दिया गया। कक्षा 5 के छात्र सैफुल्लाह को राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर, पूर्व छात्र सैफुल्लाह को राज्य स्तरीय शूटिंग में चयन पर, मोहम्मद सुहैल को NEET-UG में चयन पर तथा मिर्ज़ा अज़मत बेग को एक घंटे में 1000 ईंटें बनाने वाली मशीन का आविष्कार करने पर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सैयद ऐजाज़ अहमद, मैनेजर, को विद्यालय को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय श्रेणी में 3-स्टार रेटिंग मिलने पर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे ने अपने संबोधन में सरल शब्दों में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। उन्होंने बच्चों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
डॉ. एस. फारूक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आज के समय में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके साथ-साथ नैतिकता, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार को अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
अंत में श्री जावेद मज़हर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए फीट का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में सैयद ऐजाज़ अहमद की अथक मेहनत तथा विद्यालय के सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, एलुमनी छात्र, गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
