पाकिस्तानी क्रिकेटर अबरार अहमद को ख़रीदने पर सनराइज़र्स लीड्स की काव्या मारन की क्यों हो रही है चर्चा ?
फ़ैंस टीम की ऑनर काव्या मारन को ट्रोल कर रहे हैं.
ये टूर्नामेंट इंग्लैंड में आयोजित किया जाता है और इसमें भारतीय स्वामित्व वाली चार टीमें भी शामिल हैं.
दरअसल फ़रवरी में ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि ‘द हंड्रेड’ लीग की नीलामी में भारतीय स्वामित्व वाली ये चार टीमें पाकिस्तान के क्रिकेटरों को ख़रीदने पर विचार ही नहीं कर रही हैं. ऐसा मौजूदा भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण हुआ.
जिसके बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सभी आठों टीमों से अपील की थी कि वो खिलाड़ियों को ख़रीदते वक़्त किसी किस्म का भेदभाव ना बरतें.
अबरार अहमद को सनराइज़र्स लीड्स के ख़रीदने के पीछे ईसीबी की इसी अपील को मुख्य वजह माना जा रहा है.
सनराइजर्स ग्रुप के पास आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद का मालिकाना हक है.
इसके साथ ही ‘द हंड्रेड’ लीग में सनराइजर्स लीड्स टीम का स्वामित्व भी इसी ग्रुप के पास है.
12 मार्च को हुई नीलामी में अबरार को ख़रीदा गया
सनराइज़र्स लीड्स ने अबरार अहमद को 190,000 पाउंड (लगभग 2.30 करोड़इसके बाद भारतीय सोशल मीडिया पर काव्या मारन को काफ़ी ट्रोल किया जा रहा है.
विवाद बढ़ने के बाद सनराइज़र्स लीड्स के एक्स हैंडल को भी सस्पेंड कर दिया गया है.
अबरार के अलावा पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ हारिस राउफ ने भी ‘द हंड्रेड’ की नीलामी के लिए अपना नाम दिया था, लेकिन उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा.
दोनों देशों के बीच तनाव के कारण 2009 से पाकिस्तान के खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में नहीं खेले हैं. रुपये) में खरीदा.
सनराइजर्स के कोच डेनियल विटोरी ने क्या कहा ?
सनराइज़र्स लीड्स के मुख्य कोच डेनियल वेट्टोरी ने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, “अबरार की बॉलिंग में बहुत वेराइटी है और बहुत से घरेलू खिलाड़ियों ने उन्हें पहले नहीं देखा होगा.”
वेट्टोरी ने कहा कि पाकिस्तान खिलाड़ियों को लेकर चल रही अटकलों की उन्हें जानकारी थी, लेकिन उन्हें किसी भी खिलाड़ी को नीलामी में नज़रअंदाज़ करने का कोई निर्देश नहीं मिला था.
उन्होंने कहा, “हम ऑक्शन में हर उपलब्ध खिलाड़ी को ध्यान में रखकर आए थे. अंतरराष्ट्रीय टीमों के कई अच्छे स्पिनर विकल्प थे, लेकिन अबरार हमारी प्राथमिकता थे.”

