डीसीपी राजीव कुमार (IPS 2014) की कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग छवि से बदली पुलिसिंग की तस्वीर।

दिल्ली (विशेष संवादाता): राजधानी के पूर्वी जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बहाली में 2014 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी और वर्तमान डीसीपी ईस्ट दिल्ली श्री राजीव कुमार एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। अपनी साफ-सुथरी छवि और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए विख्यात श्री कुमार केवल कार्यालय की फाइलों तक सीमित न रहकर स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करने में विश्वास रखते हैं।
उनके कार्यकाल में क्षेत्र में न केवल अपराध पर लगाम कसी गई है बल्कि पुलिस का एक मानवीय और संवेदनशील चेहरा भी उभरकर सामने आया है। देर रात संवेदनशील इलाकों में सघन गश्त और पिकेट्स का औचक निरीक्षण उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है जिससे अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। जन-संवाद को प्राथमिकता देते हुए वे नियमित रूप से स्थानीय आईपी एक्सटेंशन सोसाइटीज के निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) के साथ सार्वजनिक समन्वय बैठकें आयोजित करते हैं ताकि क्षेत्र की समस्याओं का मौके पर ही पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। झपटमारी, चोरी और नशा तस्करी जैसे स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ उनके द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों और आधुनिक तकनीकी निगरानी के कारण जिले में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। ट्रैफिक प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए उनके रणनीतिक प्रयासों ने पूर्वी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले हॉटस्पॉट्स पर जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। विभाग के भीतर भी वे एक सख्त अनुशासक के रूप में जाने जाते हैं जो भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कठोर रुख अपनाते हैं, वहीं अच्छा कार्य करने वाले जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। आम नागरिकों के लिए उनकी सुलभ उपलब्धता और पीड़ितों की शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनने के उनके अंदाज ने दिल्ली पुलिस के ‘शांति, सेवा, न्याय’ के संकल्प को जमीन पर चरितार्थ किया है। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि डीसीपी राजीव कुमार की सक्रियता और ईमानदारी ने न केवल कानून का शासन स्थापित किया है बल्कि पुलिस और जनता के बीच के संबंधों को एक नई मजबूती और गरिमा प्रदान की है।
