AAP का बड़ा फैसला: राघव चड्ढा को राज्यसभा के ‘डिप्टी लीडर’ पद से हटाया, सांसद ने वीडियो जारी कर साझा किया अनुभव
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने सांगठनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने युवा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) पद से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह अब डॉ. अशोक मित्तल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है
AAP का बड़ा दांव: राघव चड्ढा की जगह डॉ. अशोक मित्तल होंगे राज्यसभा में पार्टी के नए ‘डिप्टी लीडर’
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को राज्यसभा में अपने संसदीय दल के ढांचे में बड़ा फेरबतन करते हुए युवा चेहरे राघव चड्ढा को उपनेता (Deputy Leader) के पद से मुक्त कर दिया है। पार्टी ने अब पंजाब से राज्यसभा सांसद और प्रमुख शिक्षाविद् डॉ. अशोक मित्तल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस बदलाव के संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भी भेज दिया गया है।
राघव चड्ढा का ‘वीडियो संदेश’ और सियासी गलियारों में चर्चा
पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में राघव चड्ढा की नाराजगी को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, चड्ढा ने सीधे तौर पर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को याद किया।
इस वीडियो में चड्ढा ने सदन के भीतर जनता से जुड़े उन मुद्दों को संकलित (Compile) किया है, जिन्हें उन्होंने प्रखरता से उठाया था। इनमें शामिल हैं:
मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ और पेपर लीक मामले।
पैटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) की मांग।
फ्लाइट्स में एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज और मिनिमम अकाउंट बैलेंस जैसे बैंकिंग मुद्दे।
वायु प्रदूषण और मोबाइल डेटा लिमिट जैसे जनहित के विषय।
वीडियो के अंत में उन्हें संसद भवन से बाहर निकलते हुए दिखाया गया है, जिसे उनके समर्थकों द्वारा एक प्रभावी विदाई संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
कौन हैं डॉ. अशोक मित्तल?
राघव चड्ढा की जगह लेने वाले डॉ. अशोक मित्तल एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर हैं। वे मार्च 2022 में पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए थे। अपनी नियुक्ति पर आभार जताते हुए मित्तल ने कहा:
“मैं इस जिम्मेदारी के लिए अरविंद केजरीवाल जी का आभारी हूँ। यह एक सामान्य सांगठनिक प्रक्रिया है। पार्टी में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं ताकि संगठन को मजबूती मिले।”
बदलाव के पीछे के मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पार्टी की भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जहाँ राघव चड्ढा को पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार और सांगठनिक कार्यों में बड़ी भूमिका दी जा सकती है, वहीं डॉ. अशोक मित्तल की सौम्य छवि और उनके शैक्षिक एवं आर्थिक विजन का लाभ पार्टी राज्यसभा में उठाना चाहती है। गौरतलब है कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें संजय सिंह ‘नेता सदन’ (Leader of the House) की भूमिका निभा रहे हैं।
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ संसद में सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम कर रही है। अब देखना यह होगा कि डॉ. अशोक मित्तल की नियुक्ति से सदन में पार्टी के रुख में क्या बदलाव आता है।

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