हमले का शिकार या शातिर अपराधी? 25 साल बाद बेनकाब हुआ ‘एक्स मुस्लिम’ सलीम वास्तिक।

हाल ही में गाजियाबाद में हुए जानलेवा हमले के बाद सुर्खियों में आए यूट्यूबर सलीम वास्तिक की कहानी में एक फिल्मी मोड़ आया है। जिस व्यक्ति को लोग एक पीड़ित मानकर सहानुभूति दिखा रहे थे, वह असल में कानून की नजरों में एक सजायाफ्ता हत्यारा निकला। दिल्ली पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है

हाल ही में गाजियाबाद में हुए जानलेवा हमले के बाद सुर्खियों में आए यूट्यूबर सलीम वास्तिक की कहानी में एक फिल्मी मोड़ आया है। जिस व्यक्ति को लोग एक पीड़ित मानकर सहानुभूति दिखा रहे थे, वह असल में कानून की नजरों में एक सजायाफ्ता हत्यारा निकला। दिल्ली पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?
सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी किसी नए विवाद के कारण नहीं, बल्कि तीन दशक पुराने एक जघन्य अपराध के चलते हुई है।
अपराध की पृष्ठभूमि:

 साल 1995 में दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे, संदीप बंसल का अपहरण हुआ था। फिरौती की मांग पूरी न होने पर मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।सजा और फरारी: इस मामले में सलीम को दोषी पाया गया और अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, साल 2000 में पैरोल (बेल) पर बाहर आने के बाद सलीम पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया।
नई पहचान:पिछले 25 वर्षों से वह अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और हाल के दिनों में ‘एक्स मुस्लिम’ पहचान के साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय था ।

सहानुभूति के पीछे छिपा काला सच:
सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने उसे रातों-रात चर्चा में ला दिया था। सोशल मीडिया पर एक वर्ग उसके समर्थन में खड़ा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम शनिवार सुबह सलीम के निवास पर पहुंची और आवश्यक पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। वह पिछले ढाई दशक से अपनी पहचान बदलकर सजा से बच रहा था।”
निष्कर्ष:
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। जो व्यक्ति सोशल मीडिया पर खुद को ‘सच्चाई का सिपाही’ बता रहा था, वह कानून की फाइलों में एक भगोड़ा अपराधी निकला। अब सलीम को उसकी शेष उम्रकैद की सजा काटने के लिए दोबारा सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।