शनि जयंति पर जानें शनि देव के वाहन, जानें उनका महत्व

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सूर्य देव और देवी छाया के पुत्र शनि देव का हिंदू धर्म और ज्योतिष में विशेष महत्व है। जेष्ठ मास की आमावस्या को शनि देव के जन्म की मान्यता है, इस दिन शनि देव की पूजा फलदायी मानी जाती है। इस वर्ष शनि जयंति 10 जून को मनाई जाएगी तथा इस दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ने के कारण इसका विशेष महत्व है। ज्योतिषशास्त्र में शनि देव के 9 वाहन माने गये हैं इनका अलग–अलग महत्व है। आइए जानते हैं शनि देव के वाहनों और उनके प्रभावों के बारे में।

1- कौआ

शनि देव का वाहन कौआ पक्षी को माना जाता है। छाया देवी से उत्पन्न होने के कारण शनि देव काले रंग के हैं तथा उन्हें काली वस्तुएं भी विशेष प्रिय हैं। कौआ शनि देव का प्रिय वाहन है। इसे कष्ट नहीं पहुंचाने एवं रोटी खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

2- भैंसा

भैंसा, वैसे तो यमराज का वाहन माना जाता है, परन्तु शनि देव भी भैंसे को अपना वाहन बनाते हैं। शनिवार को भैंसे को चारा खिलाने से शनि देव के प्रकोप को शान्त किया जा सकता है।

हाथी को शनि देव का अत्यंत शुभ फलदायी वाहन माना गया है। हाथी पर सवार शनि देव शुभ फल प्रदान करते हैं। हाथी को घास खिलाने से राहु–केतु भी शांत रहते हैं।

4- सियार

जब शनि देव सियार पर सवारी कर के आते हैं, तो व्यक्ति को कई प्रकार के कष्ट सहने पड़ते हैं। सियार को अनिष्टकारी माना गया है।

5- सिंह

सिंह या शेर शक्ति का प्रतीक है। शेर की सवारी के समय में शनि देव के प्रभाव से व्यक्ति में हिंसक प्रवृत्ति जन्म लेती है। इस पर संतुलन बनाना चाहिए।

6- घोड़ा

घोड़े को ज्योतिष में शक्ति और स्फूर्ति का प्रतीक माना जाता है। घोड़े को चने और घास खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

7- हंस

हंस बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है, अतः हंस पर सवार शनि देव के बुद्धि प्रदान करते हैं।

8- मोर

मोर को भी शनि देव अपने वाहन के रूप में अपनाते हैं। मोर के लिए जल रखने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। मोर उल्लास और उमंग का द्योतक है

9- गधा

गधा शनि देव का प्रिय वाहन है। गधे को मारने से शनि देव नाराज होते हैं एवं अशुभ फल देते हैं। गधा शांतिप्रिय जानवर है, इसे शांति का ही प्रतीक माना जाता है।

डिसक्लेमर

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