तालिबान कभी इस्लाम का पालन नहीं करता
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आपने कार्यकर्ताओं को यह आवाहन करता हैं की देश भर में तालिबान के खिलाफ जोरदार निदर्शन कर उसकी मजम्मत करे।
नई दिल्ली: अफ़ग़ानिस्तान आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हैं | वहाँ की नाजुक परिस्थिति को लेकर समूचा विश्व चिंतित हैं|
इस्लामिक कट्टरपंथी तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा कर वहां के शासन को अपने हाथ में लिया हैं | तब से वहां के निरपराध नागरिक, महिला और बच्चे तथा सिनिअर सिटिज़न्स तालिबानी क्रूरता के शिकार हो रहे हैं|

अफ़ग़ानिस्तान में मारनेवाला और मरनेवाला दोनों ही अफ़ग़ान मुसलमान हैं | जो सही इस्लाम को मानकर, इस्लाम, रसूल और कुरान के सिद्धांतों पर चलनेवाला अफगानी मुसलमान हैं वह तालिबानी मानसिकता वाले, कट्टरपंथी मुसलमानों के हाथो प्रताड़ित हो रहा हैं |
हम भारत के मुसलमान सही इस्लाम में, रसूल में, कुरान और हदीस पर विश्वास रखते हुए यह मानते हैं की, इस्लाम सब की सलामती, खुशहाली और भाईचारा तथा महिलाओं की इज्जत चाहता हैं | रसूलने फ़रमाया हैं की ‘माँ के क़दमों में जन्नत हैं।
ऐसे में जो तालिबानी अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं पर जुल्म कर रहे हैं, निरपराध बेकसूर लोगों को मार रहे हैं, वे खुदा से और रसूल से दगा करनेवाले लोग हैं | हम भारत के मुसलमान इन तालिबानियों की घोर मजम्मत करते हैं | उनका इस्लाम शरियत वाला नहीं हैं | अफ़ग़ानिस्तान में बेकसूरों पर जो जुल्म और सितम हो रहा हैं वह इस्लाम के नाम पर एक बदनुमा दाग हैं |
भारत के कुछ मुस्लिम नेताओं ने जैसे, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी, शायर मुनव्वर राणा, समाजवादी पार्टी के संभल से एम् पी शाफिकुर्रह्मन बर्क, AIIMM के असदुद्दीन ओवैसी आदि-आदि ने तालिबान को सही ठहराया हैं और उनकी तुलना भारत के स्वतंत्रता संग्रामियों से कर दी हैं | ऐसे लोग इस्लाम के पैरोकार नहीं हो सकते| हम भारत के मुसलमानों से यह अपील करते हैं इस सिर्फ इन जैसे लोगों की निंदा करने से काम नहीं चलेगा, इनको तो रिजेक्ट करना चाहिए | ये रसूल के खुदा वाले रास्ते पर चलने वाले इस्लाम में विश्वास नहीं करते |
इस्लाम के जितने फिरकों के मुसलमान आज दुनिया में अगर कही सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं क्यों की भारत का इस्लाम शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाये रखनेवाला हैं|आज इसी इस्लाम को स्थापित करने की जरुरत हैं | समाचार पत्रों से यह जानकारी मिली हैं की भारत सरकारने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी हैं और जो भी फंड उस देश के विकास कामों के लिए भारत से जाता था उस पर रोक लगायी हैं | मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इसके लिए भारत सरकार का अभिनन्दन करता हैं |
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आपने कार्यकर्ताओं को यह आवाहन करता हैं की देश भर में तालिबान के खिलाफ जोरदार निदर्शन कर उसकी मजम्मत करे। मुस्लिम राष्ट्रिय मंच के इन पदाधिकारियों ने एक साथ इस संदर्भ में अपील जारी किया है जिनके नाम इस प्रकार से हैं:
मोहम्मद अफज़ल (राष्ट्रीय संयोजक, दिल्ली), डॉ. शाहिद अख्तर (राष्ट्रीय संयोजक, दिल्ली), अबू बकर नकवी (राष्ट्रीय संयोजक, टोंक, राजस्थान), एस के मुद्दीन (राष्ट्रीय संयोजक, जबलपुर, म.प्र.), इस्लाम अब्बास (राष्ट्रीय संयोजक, आग्रा), रज़ा रिज़वी (राष्ट्रीय संयोजक, लखनौ), इरफ़ान अली (राष्ट्रीय संयोजक, मुंबई), डॉ. माजिद अली तलिकोटी (राष्ट्रीय संयोजक, कर्नाटक), एड. शिराज कुरैशी (राष्ट्रीय संयोजक, भारत फर्स्ट, ग्वालियर), बिलाल उर रहमान (राष्ट्रीय संयोजक, हिंदुस्तान फर्स्ट-हिन्दुस्तानी बेस्ट दिल्ली), डॉ. ताहिर हुसेन (संयोजक, दूतावास संपर्क, दिल्ली), डॉ. इमरान चौधरी (दिल्ली), खुर्शीद राजाका (हरयाणा), डॉ. महताब आलम रिज़वी (दिल्ली), रेशमा हुसेन (राष्ट्रीय संयोजक, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, जयपुर), एड. शाहीन परवेज़ (राष्ट्रीय संयोजक, महिला प्रकोष्ठ, मेरठ), शहनाज़ अफज़ल (दिल्ली), शालिनी अली (दिल्ली), सुषमा पाचपोर (नागपुर), फातिमा अली (चेन्नई), सीमा खान (हैदराबाद), नाजनीन अंसारी (प्रेसिडेंट मुस्लिम महिला फाउंडेशन, वाराणसी), मो. फैज़ खान (राष्ट्रीय संयोजक, गौ प्रकोष्ठ, दिल्ली), मौलाना कौकब मुजतबा (राष्ट्रीय संयोजक, उलेमा प्रकोष्ठ, उ. प्र.), मौलाना सुहैब कासमी (दिल्ली), मौलाना इरफ़ान किछोछावी (उ.प्र.), मज़ाहिर खान (राष्ट्रीय संयोजक, मदरसा प्रकोष्ठ, उ.प्र.), फारुक अहमद खान (राष्ट्रीय संयोजक, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ, जोधपुर), ठाकुर राजा रईस सेवा प्रमुख उ.प्र.), फारुख खान (राष्ट्रीय संयोजक, पर्यावरण प्रकोष्ठ, इंदौर), सय्यद फय्याज़ुद्दीन (अ. भा. सेवा सह सेवा प्रमुख, हैदराबाद), एम् ए सत्तार (क्षेत्र संयोजक, हैदराबाद), मीर नज़ीर (कश्मीर), बदरुद्दीन हलानी कोषाध्यक्ष आनंद, गुजरात), सलीम खान पठान क्षेत्र संयोजक गुजरात), ज़हीर कुरैशी (वड़ोदरा), रफ़ीक (गुवाहाटी), अली अफज़ल चाँद (कोलकाता), एनामुल हक (कोलकाता), इल्यास अहमद (मैसूरू), ऐनुल हुदा (बिहार), एड तनवीर अब्बास (झारखण्ड), मो. अज़रुद्दीन (वाराणसी), अल्तमश बिहारी (बिहार), डॉ. कलाम अंसारी, (बिहार), मो. नौफुल (केरला), डॉ. सलीम राज (छत्तीसगढ़), अली दारूवाला (पुणे, महाराष्ट्र), हिदायतुल्लाह (मणिपुर), डॉ. हसन नूरी (उत्तराखंड), ज़ाहिर अहमद (उ. प्र.), के. डी. हिमाचली (हिमाचल प्रदेश), शफी चेची (पंजाब), आबिद शेख (राजस्थान), डॉ. मुन्नवर चौधरी (राजस्थान), मोईन खान (दिल्ली), गिरीश जुयाल (गाज़ियाबाद), विराग पाचपोर (नागपुर), स्वामी मुरारी दास (लखनऊ), भारत रावत (दिल्ली), दीपक (पंजाब), गुलशन कुमार (जम्मू), तुषार कान्त (लखनऊ), डॉ. राजीव श्रीवास्तव (विशाल भारत संस्थान, वाराणसी), डॉ. निलेश दत्त (दिल्ली), डॉ. उमर फारुक (केरला), मो. फारुक शेख छोटा (नागपुर), डॉ राज वकील सिद्दीकी (नागपुर), शकील हिन्दुस्तानी (मुंबई), जमशीद खान (कल्याण), एड. आयशा सय्यद (मुंबई), डॉ. जावेद अंसारी (मालेगांव), दादू खान जोइया (राजस्थान), मो. शरीक खान (बैतूल), सिकंदर अली (ओडिशा), हाफिज साबरीन (दिल्ली), इस्लाम खान (आगरा), डॉ. आसिफ अली नारंगी (गोवा), हसन कौसर (उ.प्र.), एड. शोएब खान (उ.प्र.), डॉ. इमरान हुसेन (म.प्र.).
