हिंदू बने वसीम रिजवी को आखिर क्यों हिंदुओ से हि पड़ रही है गालियां, बताया भाजपा का चुनावी मोहरा

गाज़ियाबाद: वसीम रिजवी के जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी बनने के बाद इंटरनेट मीडिया पर वह ट्रेंड कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग उन पर गलियों की बोछार कर रहे हैं। सनातन धर्म मे शामिल होने पर उनका तिरस्कार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ हिन्दू समुदाय के ज्यादातर लोग उनके खिलाफ नफरत भरे ट्वीट कर रहे हैं। उनको भाजपा का यूपी चुनाव केलिए मोहरा बता रहे हैं।
जितेंद्र नारायण सिंह भी लगातार टि्वटर पर सक्रिय हैं, वह बता रहे हैं कि इस्लाम से मुझे निकाला गया है, सनातन धर्म के लोगों ने मुझे अपनाया है। उधर, हिंदू संगठन के लोगों ने अब जितेंद्र नारायण सिंह की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि जो अपने धर्म का ना हो सका वो सनातन धर्म का क्या होगा ।
जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने मेरा सिर काटने वालों को लाखो रूपयों का इनाम देने की घोषणा की है। मेरे प्राण भी क्यों न जाए, मगर राष्ट्रविरोधी एवं मजहब के नाम पर हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ जंग जारी रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि मेरे परिवार का जो सदस्य मेरे साथ आएगा, उसका स्वागत, जो नहीं आएगा, उसे छोड़ दूंगा।
बता दें कि शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने सोमवार को गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर में सनातन धर्म अपनाया। डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने उन्हें अपना भाई मानते हुए कहा कि अब जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की जाति त्यागी और गोत्र वत्स है।
वहीं सोशल मीडिया पर लोगो की राय है कि ये भाजपा का चुनावी हथकंडा है क्युकी पहले भी भाजपा ऐसी राजनीति करकर ही सत्ता पर आयि है,लोग ये तक
कह रहे की अब वसीम रिज़वी का इस्तेमाल इस्लाम का खंडन कराने केलिए किया जाएगा,और यूपी चुनाव में जीत कर उसको मंत्री भी बनाया जा सकता है।
