भारत में ऐसे भी मुस्लिम परिवार है, जहां अफसरों की खान, परिवार में 12 सदस्य आईएएस, आईपीएस और डीआईजी

राजस्थान का नुआ का कायमखानी मुस्लिम परिवार राजस्थान के झुंझनु के गांव नूआं के इस कायमखानी मुस्लिम परिवार ने प्रशासनिक सेवा ही नहीं बल्कि इंडियन आर्मी को भी बेहतरीन अफसर दिए हैं। कलेक्टर, आईजी समेत यहां से ब्रिगेडियर व कर्नल निकले हैं। इस अकेले परिवार में बेटा, बेटी, भानजे व दामाद को मिलाकर 12 अफसर हैं।

राजस्थान: जिला शिक्षा अधिकारी पद से रिटायर हुए नईम अहमद खान ने जर्नलिज्म टुडे से बातचीत में नूआं के अफसरों वाले परिवार की कामयाबी की पूरी कहानी बयां की है। नईम अहमद खान कहते हैं कि आस-पास के गांव-कस्बों में सबसे पहले हायर सैकंडरी स्कूल हमारे गांव नूआं में खुला था। लियाकत खान उनके पहले सत्र के स्टूडेंट थे, जो पहले आरपीएस और फिर आईपीएस बने।

1) लियाकत खान, आईपीएस

2) अशफाक हुसैन, आईएएस

3) जाकिर खान, आईएएस

4) शाहीन खान, आरएएस

5) मोनिका, डीआईजी जेल

6) शाकिब खान, ब्रिगेडियर, भारतीय सेना

7) सलीम खान, आरएएस

8) शना खान, आरएएस

9) फराह खान, आईआरएस

10) कमर उल जमान चौधरी, आईएएस

11) जावेद खान, आरएएस

12) इशरत खान, कर्नल, भारतीय सेना

हमें इस परिवार पर गर्व

गांव नूआं के जावेद खान बताते हैं कि हमे ​लियाकत खान साहब के परिवार पर गर्व है। हमारे में गांव का यह अफसरों वाला परिवार अन्य परिवारों के लिए प्रेरणास्रोत है। तालीम की ताकत क्या होती है वो इस परिवार ने साबित कर दिखाया।