निर्वाचन आयोग का आदेश, उत्तर प्रदेश चुनाव के एग्जिट पोल पर 10 फरवरी से 7 मार्च तक रहेगी रोक

राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में इस बार सात चरणों में मतदान संपन्न होगा और इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी, जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी. दरअसल, सपा ने निर्वाचन आयोग से समाचार चैनलों पर दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल को आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए बंद कराने की मांग की थी.

 

दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है. आयोग द्वारा लगाई गई ये रोक 10 फरवरी से सात मार्च तक जारी रहेगी. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अजय कुमार शुक्ला की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यूपी विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर 10 फरवरी की सुबह सात बजे से 7 मार्च शाम साढ़े छह बजे तक प्रतिबंध रहेगा.

उन्होंने आगे कहा, “इस अवधि में एग्जिट पोल को ना तो प्रिंट मीडिया के जरिए प्रकाशित किया जाएगा और ना ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इसे प्रसारित करने इजाजत होगी. इस नियम का पालन नहीं करने वाले को दो साल तक की जेल हो सकती है. इसके साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.”

राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में इस बार सात चरणों में मतदान संपन्न होगा और इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी, जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी.

समाजवादी पार्टी ने की थी ओपिनियन पोल को बंद कराने की मांग
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने निर्वाचन आयोग से समाचार चैनलों पर दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल को आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए बंद कराने की मांग की थी. इसी के मद्देनजर सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने बीते 23 जनवरी को विभिन्न समाचार चैनल पर दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए इस सिलसिले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भी लिखा था.

आयोग को लिखे पत्र में क्या कहा था समाजवादी पार्टी ने
पटेल ने पत्र में कहा था कि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा के बाद से कई चैनल ओपिनियन पोल दिखा रहे हैं जिससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं और चुनाव प्रभावित हो रहा है. यह कार्य आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है. पटेल ने मांग की थी कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक चुनाव सम्पन्न कराने के लिए न्यूज चैनल द्वारा दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

अखिलेश यादव ने ओपिनियन पोल को बताया था ओपियम पोल
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी समाचार चैनलों पर दिखाए जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ओपिनियन पोल पर 26 जनवरी को तंज करते हुए इसे ‘ओपियम पोल’ करार दिया था. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा था, ‘भाजपा के नेता अपने बयानों से चुनाव को दूसरी दिशा में ले जाना चाहते हैं. व्हाट्सऐप पर तमाम भ्रांतियां फैलाई जा रही है. ओपिनियन पोल वास्तव में ओपियम (अफीम) पोल है. हमें इससे सावधान रहना है.’

Input:- News 18 Hindi