एएमयू कोर्ट और ईसी सदस्यों का चुनाव, एएमयू को खोलने, एएमयू कुलपति के चयन कि प्रक्रिया तुरंत शुरू हो : सांसद कुंवर दानिश अली
अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम जी की खामोशी से अलीगढ़ बिरादरी नाखुश : डॉक्टर जसीम मोहम्मद

जर्नलिज्म टुडे संवाददाता
नई दिल्ली/अलीगढ़ : लोकसभा सदस्य एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कोर्ट सदस्य श्री कुंवर दानिश अली खान ने आज (11.2.2022) लोकसभा में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कोर्ट और एक्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों की चुनाव कराने, एएमयू को खोलने और एएमयू कुलपति पद की चयन प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को कहा।

आपको ज्ञात हो, एएमयू कुलपति तारिक मंसूर द्वारा एएमयू कोर्ट और एक्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों का चुनाव ना कराने, एएमयू के कुलपति के चयन प्रक्रिया शुरू ना करने पर एएमयू के दानदाता, पूर्व मीडिया सलाहकार प्रो जसीम मोहम्मद ने राष्ट्रपति एवं एएमयू के कोर्ट सदस्यों जो संसद सदस्य हैं और राज्यपाल व राष्ट्रपति के नामित एएमयू कोर्ट के सदस्य हैं उन सभी माननीयो को पत्र लिखकर संसद में केंद्र सरकार एएमयू कोर्ट और एक्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों की चुनाव और एएमयू के कुलपति पद की चयन प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग करने की अपील किया था।
एएमयू कुलपति तारिक मंसूर के कार्यकाल इसी वर्ष 15 मई माह को समाप्त हो रहा है। एएमयू के नए कुलपति का चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की जिम्मेदारी एएमयू कुलपति तारिक मंसूर और रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद की होती है जो छह महीने पहले ही ये प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। एएमयू कुलपति के चयन प्रक्रिया में एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के 28 सदस्यों द्वारा 5 उम्मीदवारों के नाम पर मोहर लगता है फिर उन पांच नाम एएमयू कोर्ट के लगभग 190 सदस्यों द्वारा पांच में से 3 उम्मीदवारों का चुनाव होता है और राष्ट्रपति (केन्द्रीय विश्वविद्यालय के विजिटर) को जाता है जो एक नाम पर अपना सहमति देते हैं और वही एक व्यक्ति एएमयू का कुलपति पांच साल के लिए बनता है।
ऐसे में, एएमयू कुलपति तारिक मंसूर और रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद द्वारा एएमयू एक्ट को अनैतिक रूप नुकसान पहुंचा रहा है, एएमयू कोर्ट के लगभग 140 सदस्यों और एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के 15 सदस्यों का चुनाव ना कराकर एएमयू और संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहा है। जर्नलिज्म टुडे संवाददाता से बात करते हुए डॉक्टर जसीम मोहम्मद ने कहा है कि अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम की खामोशी से अलीगढ़ बिरादरी बहुत नाराज़ है। हम उम्मीद करते हैं की भविष्य में सांसद महोदय अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे।
उन्हों ने कहा की एएमयू कोर्ट और एक्जीक्यूटिव काउंसिल का चुनाव नही करवाया जायेगा तो एएमयू के नए कुलपति का चयन प्रक्रिया शुरू नही हो सकता।
डॉक्टर जसीम मोहम्मद ने कहां की अलीगढ़ के लोकप्रिय सांसद सतीश गौतम जी को पत्र लिखकर एएमयू कुलपति तारिक मंसूर के असंवैधानिक गतिविधियों और एएमयू संविधान को बंधक बनाने के कारनामों को मेरे द्वारा पत्र लिखकर अवगत कराया गया। लेकिन, माननीय सांसद श्री सतीश गौतम जी द्वारा एएमयू के इस एहम मामले पर खामोशी अख्तियार कर लिया। जिससे अलीगढ़ बिरादरी नाखुश है।
संवादाता से विस्तार से बात करते हुऐ कहा की एएमयू कुलपति डॉक्टर तारीक मंसूर, एएमयू कुलसचिव अब्दुल हमीद एएमयू कैंपस में अनियमित्ता, एएमयू जमीनों के साथ छेड़खानी और एएमयू एक्ट को बंधक बनाना जैसे कार्यों की शिकायत पहले ही केन्द्रीय एजैंसी को सूचित कर दिया गया है। जिसमे एएमयू विधि विभाग के नव नियुक्त सह अध्यापक एवम कुलपति के पुत्र मोहम्मद नासिर का नियुक्ति भी प्रमुख है।
जर्नलिज्म टुडे संवाददाता से बात करते हुए श्री जसीम ने एएमयू बिरादरी से भी अपील किया है की वो एएमयू एक्ट को बचाने के लिए अपना विरोध दर्ज़ करें।
एएमयू के दानदाता डॉक्टर जसीम मोहम्मद ने अमरोहा के बसपा सांसद श्री कुंवर दानिश अली खान जी का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने अपने संवैधानिक अधिकार का पूरा इस्तेमाल करके एएमयू एक्ट को बचाने के लिए लोकसभा में आवाज़ उठया।
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