प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्ष, उदारवादी और नारी-सम्मान करनेवाले नेता हैं: कंगना रनौत
नमो केंद्र द्वारा सम्मेलन, पुरस्कार वितरण एवं पुस्तक लोकार्पण करके मनाया प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन।नरेंद्र मोदी एक विचारधारा का नाम : प्रो जसीम मोहम्मद

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्मदिन के अवसर पर, नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) की ओर से नई दिल्ली के आईआईसी में एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहाँ अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत द्वारा संकलित और संपादित पुस्तक “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रॉम रेड फोर्ट” का विमोचन एवं लोकार्पण किया गया। नमो केंद्र के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्मदिन पर पुस्तक विमोचन और भारत के वैश्विक संबंधों पर व्यापक अंतर्दृष्टि के साथ समारोहपूर्वक मनाया।
पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर, कॉन्क्लेव मे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सुश्री कंगना रनौत ने कहा, “यह संकलन भारत की प्रगति के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत को एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित करने के उनके प्रयासों का एक प्रेरक विवरण प्रस्तुत करता है।”
इस अवसर पर आयोजित, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक दुनिया के साथ भारत के संबंधों को कैसे मजबूत किया” शीर्षकवाले कॉन्क्लेव में सुश्री कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी सच्चे धर्मनिरपेक्ष, उदारवादी और नारी-सम्मान करनेवाले नेता हैं, जो हमेशा महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “चमकता सूरज एवं सभी के लिए रोशनी लानेवाला” बताया। सुश्री कंगना रनौत ने नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र के काम की भी सराहना की और सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन और विजन को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर इसी तरह के केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने मोदी की विचारधारा के प्रति समर्पण के लिए नमो केंद्र के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के इस अवसर पर उन्होंने दो अन्य प्रकाशनों का भी अनावरण एवं लोकार्पण किया, जिनमें अलीगढ़ के ओएलएफ स्कूल की 8वीं कक्षा की छात्रा अलीशा ज़ैनब द्वारा संकलित ‘परीक्षा पे चर्चा’ और नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘द स्टेट्समैन नरेंद्र मोदी’ के नाम सम्मिलित हैं।
प्रमुख वक्ता के रूप में मुख्य भाषण देते हुए प्रो. जगदीश मुखी ने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के वैश्विक संबंधों को मजबूत किया है, विशेषकर सन् 2014 के बाद से। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान मोदी जी के चतुर्दिक प्रयासों की सराहना की और भारत के कूटनीतिक संबंधों और वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाने में उनकी सफलता को प्रमुखता से रेखांकित किया।
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केंद्र) के अध्यक्ष प्रोफेसर जसीम मोहम्मद ने श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को निरंतर बढ़ाया है और प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ गहरा सहयोग एवं तादात्म्य विकसित किया है।” उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “ऐसी सभाओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व पर व्यापक विचार विमर्श करना और उसे बढ़ावा देना है। हमारा उद्देश्य भारत और वैश्विक स्तर पर लोगों को उनके परिवर्तनकारी विचारों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें समझने के लिए प्रेरित करना है।” प्रो. जसीम मोहम्मद ने आगे कहा, “हम इन पुस्तकों को केवल औपचारिकता के लिए वितरित नहीं करते हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पहल और उपलब्धियों के बारे में समझ और जागरूकता फैलाने के लिए वितरित करते हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री की अंतर्दृष्टि चेतना की विशेषताएँ व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचे, जिससे एक विकसित और प्रगतिशील भारत के लिए उनके दृष्टिकोण की समझ और प्रशंसा को बढ़ावा मिले।”
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नीलदमन खत्री ने भारत की विदेश नीति, आर्थिक कूटनीति और सांस्कृतिक संबंधों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया की कैसे उनके नेतृत्व ने भारत को एक प्रमुख वैश्विक सहयोगी एवं सहभागी के रूप में बदल दिया है। उन्होंने शिक्षा, लैंगिक समानता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित अखिल भारतीय निबंधलेखन प्रतियोगिता 2024 के विजेताओं को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। वरीयता क्रम से शीर्ष जिन तीन विजेता छात्रों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए, उनमें प्रथम स्थान के लिए 10,000 रुपये, दूसरे स्थान के लिए 7,500 रुपये और तीसरे स्थान के लिए 5,000 रुपये। इसके अतिरिक्त राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देनेवाले व्यक्तियों को भी इस अवसर पर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिनमें उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के उसिया गाँव के ग्राम प्रधान शम्स तबरेज़ खान को गाँव के विकास में उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस सम्मेलन में अनेक गणमान्य एवं प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए, जिनमें आईएनएस के अध्यक्ष राकेश शर्मा और जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. मनीष दाभाड़े के नाम विशेष रूप से सम्मेलन को संबोधित किया। संचालन एवं वक्त प्रो आमना मिर्ज़ा ने किया।
