मुख्यमंत्री द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर के हिजाब से छेड़छाड़ शर्मनाक,सार्वजनिक माफी दें: इन्तेखाब आलम

पटना: बिहार सचिवालय संवाद कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग की एक मुस्लिम महिला डॉक्टर को नियुक्ति प्रमाण पत्र देते समय मुख्यमंत्री द्वारा हिजाब से छेड़छाड़ किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक, निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना न केवल एक महिला की गरिमा पर आघात है, बल्कि पूरे अल्पसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य इन्तेखाब आलम ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
इन्तेखाब आलम ने कहा कि हिजाब किसी महिला की धार्मिक आस्था, निजी स्वतंत्रता और सम्मान से जुड़ा विषय है। किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह सार्वजनिक मंच से किसी महिला के पहनावे या धार्मिक पहचान से छेड़छाड़ करे। मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति से ऐसी असंवेदनशील हरकत बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद बिहार सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार जी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। इन्तेखाब आलम ने कहा कि जब मुख्यमंत्री द्वारा आपत्तिजनक व्यवहार किया जा रहा था, उस समय एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का मौन रहना और मुस्कुराना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है। यदि मुख्यमंत्री से भूल हो रही थी, तो मुख्य सचिव का दायित्व था कि वे तुरंत हस्तक्षेप करते।
इन्तेखाब आलम ने स्पष्ट मांग की कि मुख्यमंत्री इस शर्मनाक और असंवैधानिक व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। यह मामला केवल एक महिला का नहीं, बल्कि समाज की बेटियों के सम्मान और संविधान की मूल भावना से जुड़ा है। सत्ता में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि धार्मिक आस्था और महिला सम्मान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।