Global Alert: यूएई के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन अटैक, जनरेटर में लगी आग; क्या खतरनाक मोड़ पर पहुंची जंग?

मिडिल ईस्ट में बढ़ा परमाणु युद्ध का खतरा! UAE के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन अटैक, जनरेटर में लगी आग; ईरान पर गहराया शक

अबू धाबी / वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनातनी के बीच मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी स्थित ‘बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट’ (Barakah Nuclear Power Plant) पर रविवार को एक आत्मघाती ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद परमाणु संयंत्र परिसर के बाहर लगे एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में भीषण आग लग गई।

इस संवेदनशील हमले ने क्षेत्र में पहले से ही बेहद नाजुक दौर से गुजर रही सीजफायर (युद्धविराम) की स्थिति को एक बार फिर बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।


अबू धाबी मीडिया ऑफिस और रेगुलेटर का आधिकारिक बयान

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक:

  • नुकसान का आकलन: ड्रोन स्ट्राइक के कारण आग परमाणु संयंत्र के आंतरिक दायरे (Inner Perimeter) के बाहर लगे एक बिजली जनरेटर में लगी।

  • रेडियोएक्टिव खतरा नहीं: यूएई की परमाणु नियामक संस्था फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने साफ किया है कि इस घटना से प्लांट की सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आई है। न ही कोई रेडियोएक्टिव (Radiological) लीकेज हुआ है और न ही किसी के हताहत होने की खबर है।

  • संचालन सामान्य: प्लांट की सभी यूनिट्स पहले की तरह पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से काम कर रही हैं।


किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी, लेकिन ईरान पर गहराया शक

फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन या देश ने नहीं ली है। हालांकि, कूटनीतिक हलकों में इस हमले के पीछे सीधे तौर पर ईरान का हाथ होने का शक जताया जा रहा है।

तनाव की वजह: अमेरिका के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान लगातार यूएई (UAE) को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा था। ईरान का आरोप है कि इस जंग के दौरान यूएई ने इजरायल के ‘आयरन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी/इजरायली सैनिकों को अपने यहां पनाह दी थी। माना जा रहा है कि ईरान ने इसी का बदला लेने के लिए यह हिमाकत की है।


ट्रंप की चेतावनी और ईरान में युद्ध की तैयारी

यह हमला ऐसे नाजुक वक्त पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह ठप हो चुकी है।

  • ट्रंप के कड़े संकेत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिए थे कि ईरान के अड़ियल रुख के कारण जंग फिर से पूरी तरह शुरू हो सकती है। अमेरिकी सेना लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के रणनीतिक बंदरगाहों (Ports) की नाकेबंदी (Blockade) कर रही है।

  • ईरान में ‘वार मोड’: दूसरी तरफ, ईरान के सरकारी टेलीविजन पर लगातार ऐसे प्रोपेगैंडा कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं, जिनमें एंकर हाथों में राइफलें लेकर देश की जनता को एक बड़े महायुद्ध के लिए मानसिक रूप से तैयार कर रहे हैं।


लेबनान में भी सीजफायर टूटने की कगार पर

खाड़ी देशों में चौतरफा गहराते इस संकट के बीच लेबनान से भी अच्छी खबरें नहीं आ रही हैं। हाल ही के दिनों में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हमले अचानक तेज हो गए हैं, जिससे वहां लागू सीजफायर के पूरी तरह टूटने का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी हमलों से बौखलाया ईरान अब सीधे तौर पर खाड़ी के उन देशों को निशाना बना रहा है जो अमेरिका या इजरायल के करीबी हैं।