इस्लाम से बाहर किए जाने पर,Waseem Rizvi ने आज हिंदू धर्म अपनाया,सनातन धर्म गुरुओं ने जताया भारी विरोध

नई दिल्ली: अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले पूर्व शिया वक्फ बोर्ड के चैयरमेन वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. दावा किया जा रहा है कि वो इस्लाम धर्म से अपनी शैतानी हरकतों की वजह से बाहर कर दिया गया था,साथ ही पूरी दुनिया के मुसलमान उसके खिलाफ हो गए अब खुद को हिंदू बनाने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) डासना देवी मंदिर शिव शक्ति धाम डासना गाजियाबाद में हिंदू धर्म अपना लिया है,इसने अपना नाम हरबीर सिंह त्यागी रखा है

यति नरसिंहानंद गिरि  के माध्यम से सनातन धर्म धार्मिक रीति रिवाज से सुबह  पर स्वीकार किया.

“हिंदू रीति-रिवाज के साथ की जाए मेरा अंतिम संस्कार”
इसके अलावा वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) ने कुछ दिल पहले खुद को लेकर एक वसीयत भी जारी की थी.

आपको बता दे की उन्होंने इस्लाम के विरूद्ध शैतानी हरकतों की वजह से रिज़वी को उसके मरने के बाद दुनिया के किसी भी कब्र में दफन नहीं होने दिया जाएगा ऐसा ऐलान हो गया जिसके बाद वसीम रिज़वी को जीते जी रुसवाई के बाद मरने पर भी चैन नहीं मिलने जा रहा था।

इसलिए रिज़वी ने कहा कि उसे हिंदू रीति-रिवाज के साथ जलाया जाए। इस दौरान उसने यह भी कहा था कि यति नरसिंहानंद गिरि उसकी चिता को अग्नि दे.

परिवार ने तोड़ लिया है नाता
जिस समय वसीम रिजवी ने कुरआन की 26 आयतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी उस वक्त हिंदुस्तान के हर मुसलमान की आवाज उनके खिलाफ थी. यहां तक कि उनके परिवार के लोग भी उनके साथ नहीं थे. वसीम रिजवी के छोटे भाई जहीर रिजवी ने खुद सोशल मीडिया पर आकर एक बयान जारी किया था. जिसमें उन्होंने वसीम रिजवी को लेकर बड़ी बातें कही थीं.

छोटे भाई, बहन , बीवी और मां के साथ नहीं कोई संबंध”
वसीम रिजवी के भाई ने कहा था कि वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) पागल हो गए हैं और अब हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है. इतना ही नहीं उन्होंने आगे यह भी कहा कि ना मेरा, ना मेरी बहन का और ना ही मेरी मां का उनसे कोई रिश्ता है. 3 साल पहले ही मेरे उनके रिश्ते खत्म हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी मोहल्ले का शख्स यह साबित नहीं कर सकता कि वसीम रिज़वी का मेरे घर पर आना-जाना है या मेरा उनसे कोई ताल्लुक है.

सनातन धर्म के लोगो के भी किया शैतान रिज़वी का विरोध