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एडवोकेट सिकंदर हयात ख़ान

गौ-माता का दर्जा और नीतिगत विरोधाभास: एक आत्म-मंथन।

भारत में गाय के इर्द-गिर्द चल रही बहस अब जीव विज्ञान और कृषि से कहीं आगे निकलकर सामाजिक-राजनीतिक पहचान और ध्रुवीकरण का केंद्र बन चुकी है। एक बुनियादी सवाल जो देश के विवेक को झकझोरता है, वह यह है कि क्या गाय एक 'पशु' है या एक 'माता'? यदि…
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