अहंकार सर्वत्र वर्जयेत” — वैश्विक शक्ति-राजनीति के बीच भारत का संतुलित संदेश..
आज का विश्व एक गहरे संक्रमण काल से गुजर रहा है। महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा, क्षेत्रीय संघर्ष और वैचारिक टकराव वैश्विक वातावरण को अस्थिर बना रहे हैं। ऐसे समय में कूटनीति का उद्देश्य तनाव कम करना और स्थिरता स्थापित करना होना चाहिए, किंतु…
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