“अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी” आप बहुत याद आए – M S Hasan

0 89

भोपाल, प्रख्यात कवि और वरिष्ठ पत्रकार अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी को आज उनकी पुण्यतिथि पर याद करने के लिए सभी शब्द छोटे साबित हो रहे हैं। ईमानदार छवि और निष्पक्ष लेखनी उनकी कला का एक हिस्सा थी।

👆अतीक मुजफ्फरपुरी (जीवन के अलग अलग पड़ाव कि एक झलक)

 

उनका क़द ऊँचा था और सोच आसमानी थी। ऐसे में सहसा याद आता है *अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी आप बहुत याद आए*।

आज हम एक ऐसी शख़्सीयत की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपने कलम की हुनर से यूं तो हर वर्ग को जगाया लेकिन विशेष तौर पर वह महिलाओं की शिक्षा पर ज़ोर देते रहे।

समाज में साक्षरता और विशेष रूप से मुस्लिम समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाने पर सदैव अपनी लेखनी से लोगों को राह दिखाते रहे। अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी न केवल एक शायर थे बल्कि वह एक बड़े और प्रख्यात पत्रकार भी थे जिन्होंने यूँ तो कई अख़बारों को जीवन दिया और ऊँचाई तक पहुँचाया। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा से लेकर *इन दिनों*, *अख़बार-ए-नौ* और *तीसरा रास्ता* जैसे उर्दू के समाचार पत्रों को अपने कलम से संवारा। बाद में उन्होंने स्वयं के उर्दू अख़बार *सायबान* को हीरे की तरह तराश कर शब्दों के नगीने से सजाया। आज यह अख़बार भारत के दूर दराज के इलाक़ों में लोगों द्वारा चाव से पढ़ा और पसंद भी किया जाता है।

स्वर्गीय अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी की उर्दू और फ़ारसी पर पकड़ गहरी थी, जिसके कारण वह मशहूर भी हुए। यही कुछ बातें होती हैं जिससे इंसान अनमोल हो जाता हैं।

सदा हमारे दिल के करीब रहने वाले अतीक मुज़फ़्फ़रपुरी इस दुनिया से तो ज़रूर चले गए हैं, लेकिन वह आज भी हम सब के दिलों में ज़िंदा हैं। देशभर के कवि और वरिष्ठ पत्रकार आज उनको अपनी भीगी आँखों याद कर रहे हैं। स्वर्गीय मुज़फ़्फ़रपुरी साहब की अनगिनत यादें हमारे दिलों में आज भी मौजूद हैं।

M S Hasan- Senior Journalist
Leave A Reply

Your email address will not be published.