सर्विसेज सेक्रेटरी आशीष मोरे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन नहीं कर के कोर्ट की घोर अवमानना की है: सौरव भरद्वाज

मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाए आशीष मोरे ने चुपचाप सचिवालय छोड़ा और अपना फोन भी कर लिया बंद।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के फैसले के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रशासनिक फेर-बदल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 11 मई को प्रमुख योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए सक्षम और ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन अधिकारियों को हटाने की बात कही, जो योजनाओं की प्रगति को बाधित कर रहे हैं।

सर्विसेज मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की पहल करते हुए सर्विसेज सचिव आशीष मोरे को सेवा विभाग के सचिव के पद पर नये अधिकारी के तबादले की फाइल पेश करने के निर्देश दिए। लेकिन आशीष मोरे ने अप्रत्याशित रूप से मंत्री कार्यालय को सूचित किए बिना सचिवालय छोड़ दिया और उनका फोन भी स्विच ऑफ है।

संभवत: केंद्र सरकार के प्रभाव में सेवा विभाग के विशेष सचिव ने मंत्री सौरभ भारद्वाज को एक पत्र भेजा है। इसमें गृह मंत्रालय (एमएचए) की 21 मई 2015 की अधिसूचना का हवाला देकर बताया है कि अभी तक उसको बदला नहीं गया है। इसके साथ ही सेवा सचिव ने नए अधिकारी को लाने के लिए फाइल भी शुरू नहीं की है।

इसके बाद सेवा सचिव के ध्यान में लाया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने पर इसे संभावित रूप से अदालत की अवमानना माना जाएगा।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल देश की सर्वोच्च अदालत के निर्देशों का पालन करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। दिल्ली सरकार पारदर्शिता, दक्षता और सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।