$1 में एक बैरल तेल! होर्मुज खुला पर जहाजों का रास्ता पड़ेगा भारी!
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दिया गया है। हालांकि, अब यहाँ से गुजरना महंगा होगा क्योंकि ईरान ने प्रत्येक तेल टैंकर पर 'टोल टैक्स' वसूलने का निर्णय लिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: 40 दिन बाद खुला ‘ग्लोबल ऑयल गेटवे’, लेकिन अब हर बैरल पर देना होगा $1 का ‘क्रिप्टो टोल’
दुबई/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), को दोबारा खोल दिया गया है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से यह समुद्री रास्ता लगभग बंद था। हालाँकि, अब यहाँ से गुजरने वाले तेल टैंकरों को एक नई और महँगी चुनौती का सामना करना पड़ेगा—ईरान का ‘टोल टैक्स’।
हथियारों की निगरानी और टोल की वसूली
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज से टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है। ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्टर्स यूनियन के प्रवक्ता हामिद होसैनी ने स्पष्ट किया कि यह कदम सुरक्षा और निगरानी के लिए उठाया जा रहा है।
ईरान का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सीजफायर के इन दो हफ्तों का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए न हो। इसीलिए, अब हर जहाज को गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों की जांच से गुजरना होगा।
टोल की शर्तें: 1 बैरल = 1 डॉलर
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस मार्ग के लिए नए और सख्त नियम तय किए हैं:
प्रति बैरल शुल्क: हर भरे हुए तेल टैंकर को 1 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से टोल देना होगा। हालांकि, खाली टैंकरों को बिना किसी शुल्क के जाने की अनुमति होगी।
पेमेंट मोड (क्रिप्टोकरंसी): प्रतिबंधों और ट्रैकिंग से बचने के लिए ईरान यह टोल सिर्फ बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में ही स्वीकार करेगा।
प्रक्रिया: जहाजों को अपने माल की जानकारी ईमेल करनी होगी। जांच पूरी होते ही उन्हें भुगतान के लिए कुछ ही सेकंड का समय दिया जाएगा, जिसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
चेतावनी: फारस की खाड़ी में जहाजों को रेडियो संदेशों के जरिए चेतावनी दी गई है कि बिना ईरानी अनुमति के आगे बढ़ने वाले जहाजों को ‘तबाह’ कर दिया जाएगा।
सऊदी अरब की ‘रेड लाइन’ और क्षेत्रीय तनाव
ईरान के इस बढ़ते नियंत्रण ने खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब, कतर और यूएई की चिंता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज का पूरा नियंत्रण ईरान के हाथ में आता है, तो इससे OPEC+ के भीतर शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है।
सऊदी शाही परिवार के करीबी अली शिहाबी ने इसे एक ‘रेड लाइन’ करार देते हुए कहा कि सऊदी अरब अपने तेल की निर्बाध आपूर्ति के लिए वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच की मांग करेगा। ईरान को इस मार्ग पर ‘वीटो पावर’ देना सऊदी अरब को स्वीकार नहीं होगा।
फंसे हुए हैं 17.5 करोड़ बैरल तेल
शिपिंग डेटा फर्म Kpler के अनुसार, फिलहाल फारस की खाड़ी के पास 187 टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 17.5 करोड़ बैरल कच्चा और रिफाइंड तेल मौजूद है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि करीब 300 से 400 जहाज इस मार्ग से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात तो है, लेकिन ईरान की शर्तों और भारी टोल ने तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया उबाल ला दिया है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या अमेरिका और खाड़ी देश ईरान के इस ‘टोल प्रोटोकॉल’ को स्वीकार करेंगे या तनाव एक बार फिर बढ़ेगा।
