जामिया के सैकड़ों शिक्षकों-कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार के समर्थन में पुलिस को दी शिकायत, एफआईआर की मांग ।
जामिया के विभिन्न संकायों, विभागों, केंद्रों और प्रशासनिक इकाइयों से जुड़े सैकड़ों शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त आवेदन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी जामिया नगर पुलिस थाने पहुंचे और संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपी।
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. एम.डी. महताब आलम रिज़वी के समर्थन में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के एक बड़े समूह ने एकजुट होकर पुलिस से शिकायत की है। शिकायत में श्री भूपेंद्र पाल सिंह चमार, श्री हारिस उल हक और चार अन्य लोगों के विरुद्ध कथित रूप से भ्रामक एवं आपत्तिजनक प्रचार, झूठी सूचनाएं फैलाने, मानहानि तथा संस्थागत स्तर पर रजिस्ट्रार की छवि प्रभावित करने के प्रयासों की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, जामिया के विभिन्न संकायों, विभागों, केंद्रों और प्रशासनिक इकाइयों से जुड़े सैकड़ों शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त आवेदन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी जामिया नगर पुलिस थाने पहुंचे और संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपी।
संयुक्त आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया, डिजिटल संचार माध्यमों, मैसेजिंग समूहों तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन और रजिस्ट्रार के संबंध में कथित रूप से भ्रामक एवं तथ्यहीन सामग्री प्रसारित की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने इसे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज और संस्थागत वातावरण को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला बताया है।
शिकायत में श्री हारिस उल हक के संबंध में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में दावा किया गया है कि उनके विरुद्ध पूर्व में भी अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन जैसी कार्रवाइयां हुई हैं तथा उनके आचरण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के आधार पर नहीं की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि श्री भूपेंद्र पाल सिंह चमार, श्री हारिस उल हक तथा चार अन्य सहयोगियों द्वारा रजिस्ट्रार के विरुद्ध कथित रूप से एक समन्वित दुष्प्रचार अभियान चलाया गया। आवेदन में कहा गया है कि प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए लिए गए निर्णयों को गलत रूप में प्रस्तुत कर रजिस्ट्रार की व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रजिस्ट्रार के प्रशासनिक कार्यों का उल्लेख
संयुक्त आवेदन में रजिस्ट्रार प्रो. एम.डी. महताब आलम रिज़वी के प्रशासनिक कार्यों और उनके पूर्व शैक्षणिक अनुभव का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, प्रो. रिज़वी अंतरराष्ट्रीय संबंधों और पश्चिम एशिया अध्ययन के विशेषज्ञ रहे हैं तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विभिन्न महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्व निभा चुके हैं।
आवेदन में कहा गया है कि रजिस्ट्रार पद संभालने के बाद उन्होंने संस्थागत पारदर्शिता, नियम-आधारित प्रशासन, वित्तीय जवाबदेही और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में हाल के प्रशासनिक सुधारों और नियमों के अनुपालन के कारण कुछ ऐसे तत्व कथित रूप से असहज हुए हैं, जो पूर्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करते रहे होंगे।
‘संस्थागत गरिमा पर हमला’ बताया
शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि बिना सत्यापन के कथित रूप से झूठी और दुर्भावनापूर्ण सूचनाओं का प्रसार केवल किसी एक अधिकारी के विरुद्ध अभियान नहीं है, बल्कि इससे पूरे संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक और प्रशासनिक समुदाय रजिस्ट्रार के साथ खड़ा है और संस्थान की गरिमा, प्रशासनिक व्यवस्था तथा कार्यसंस्कृति को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध किया जाएगा।
पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग
पुलिस को सौंपे गए आवेदन में शिकायतकर्ताओं ने मामले की विस्तृत जांच कराने तथा लागू कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में कथित मानहानि, आपराधिक षड्यंत्र, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया गया है।
शिकायत के साथ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट, कथित रूप से फर्जी या अनधिकृत प्रशासनिक दस्तावेजों की प्रतियां तथा अन्य संबंधित सामग्री संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
जामिया समुदाय में एकजुटता का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जामिया के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का बड़ी संख्या में पुलिस थाने तक पहुंचना विश्वविद्यालय समुदाय की एकजुटता का संकेत है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप कार्रवाई करने का आग्रह किया।
संयुक्त घोषणा में कहा गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की गरिमा और संस्थागत हितों की रक्षा के लिए शिक्षक एवं कर्मचारी एकजुट हैं तथा उन्हें विश्वास है कि पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करेंगी।
