स्वदेशी सेवा सबके सुख में स्वयं का सुख है: गयासुद्दीन हाशमी

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की सरजमी पर, एडवोकेट हकीम गयासुद्दीन हाशमी ने उगा दिया सोना।

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा की सरजमी पर, एडवोकेट हकीम गयासुद्दीन हाशमी ने उगा दिया सोना जिस वक्त पूरा देश कोरोना जैसी भयंकर बीमारी से देश के चारों ओर हाहाकार मच रही थी और ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो रही थी ऑक्सीजन की कमी के कारण ना जाने कितने घर उजड़ गए ना जाने कितने मासूम बच्चों के सर से उनका साया उठ गया किसी का बाप चल बसा तो किसी का परिवार ही उजड़ गया तब ऐसे में अमरोहा के रहने वाले एक हकीम ने पर्यावरण की एक अनोखी पहल पेश कर दी अपनी घर परिवार को छोड़कर एक वीराने जंगल में 50 हजार पौधे लगा दिए और ऑर्गेनिक खेती करनी शुरू कर दी अमरोहा तहसील के सलेमपुर गांव में बने , स्वदेशी सेवा फॉर्म पर, बड़े से बड़े जिले के अफसर पहुंच रहे हैं और एडवोकेट हकीम गयासुद्दीन को शाबाशी दे रहे हैं जो अब पर्यावरण के लिए एक युवा जोश लेकर निकले हैं अगर दिल्ली का भी सफर करते हैं तो गाड़ी में अक्सर पौधे रखे हुए होते हैं जहां कहीं अगर गाड़ी रोकते हैं तो वहां अपनी निशानी यानी पेड़ लगाकर जाते हैं।

आपको बता दें कि देश विदेश में जाने जाने वाला हकीमो का शहर अमरोहा, अमरोहा के सपूत ने खाली पर्यावरण बचाने की सौगंध और सफर पर निकलें में भी रखते हैं गाड़ी में हरे भरे पौधे जहां भी जाते हैं अपनी निशानी छोड़कर यानी उस विराने जंगल पर पेड़ लगाते हैं और तो और ईद या बकर ईद पर वह किसी से मिठाइयां ना ही तो लेते हैं और ना ही देते हैं और ईद की खुशी पर वह सिर्फ खुद भी तोहफे में अच्छे-अच्छे पौधे देते हैं और दूसरों से भी उपहार में पौधा ही लेना पसंद करते हैं। अब आप सोचिए कि आखिर जिले के एक ही युवा ने ऐसी सोच रख ली और उनकी राह पर चलने के लिए सिर्फ हर जिले से 25% लोग ही इस तरह का काम करने लगे तो हमारा देश भी सुरक्षित रहेगा हम भी सुरक्षित रहेंगे और ऐसी भयंकर बीमारियों यानी ऑक्सीजन की किल्लत भी दूर हो सकती है। अमरोहा के सलेमपुर में बने , स्वदेशी सेवा फार्म हाउस पर अब मिट्टी से सोना उगा रहे हैं। डॉक्टर सिराजुद्दीन हाशमी के छोटे भाई गयासुद्दीन हाशमी, ऑर्गेनिक खेती की शुरुआत की पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं यूं तो सरकार भी लाख प्रयास लगा रही हैं लेकिन वह किसी की मदद से नहीं बल्कि अपने निजी खर्चे से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। डॉक्टर सिराजुद्दीन हाशमी के छोटे भाई एडवोकेट गयासुद्दीन हाशमी का कहना है कि शुरुआत में अपने घर से करूंगा और फिर 40 गांव गोद लेकर उन्हें भी बताऊंगा कि हम किस रास्ते पर जा रहे हैं क्योंकि आजकल खेती में घातक दवाइयां लगाई जा रही है जो भयंकर बीमारी से भी सेवन करने वाला झुज सकता है तो ऐसे में, हाशमी परिवार के युवा ने आने वाली हमारी पीढ़ी के बारे में हरियाली के लिए सौगंध खायी है।

(जर्नलिज्म टुडे संवाददाता)