छोड़ जनता बेहाल, मुख्यमंत्री अरविंद 10 दिनों के लिए दिल्ली से फरार : चौ. अनिल कुमार
छह राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ‘चंदा उगाही’ के लिए दिल्ली से गायब। मुख्यमंत्री अरविंद अपने नीजी स्वार्थ के लिए विपश्यना मेडीटेशन के बहाने दिल्ली के संघर्षरत लोगों को खुद छोड़ 10 दिनों के लिए दिल्ली से फरार.
नई दिल्ली:दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि जब दिल्ली की आम जनता कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई आर्थिक स्थिती व बेरोजगारी तथा तमाम परेशानियों से जूझ रही हैं, तो ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 10 दिनों के लिए दिल्ली से बाहर अपने इलाज कराने के बहाने घूमने चले गए। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में उन्हें कोई गम्भीर बीमारी या समस्या है तो क्यों नही वे अपने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों मे जाकर अपना इलाज कराते, और अगर उन्हें अपने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों पर विश्वास नहीं है तो दिल्ली में ही रह कर किसी प्राईवेट अस्पताल में अपना इलाज क्यों नहीं करा लेते। आज दिल्ली के अस्पतालों में हर बिमारी का इलाज है वें क्यों बार-बार अपनी जिम्मेदारियां छोड़कर दिल्ली से फरार हो जाते है।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश को जो सुचिता पूर्ण वैकल्पिक राजनीति का सपना दिखाया था तथा आज किस तरह की धन बल की राजनीति तथा टेंडर माफिया तथा शराब माफिया के हाथों का कठपुतली बन चुके है इस पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए तथा आत्मशुद्धि की कोशिश करनी चाहिए। केजरीवाल अकसर चुनाव के पूर्व ही विपश्यना में जाते है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल साल 2014 के लोकसभा चुनाव और साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के अपने बेहद व्यस्त चुनाव प्रचार के दौरान भी ‘चंदा उगाही’ के लिए कुछ दिनों तक गायब रहे थे।
उन्होंने कहा कि अरविन्द को “विपश्यना मेडीटेशन” के लिए लाखों रुपये खर्च करने में कोई पछतावा नहीं है, केजरीवाल अपने टूर पर टेंडर माफिया, शराब माफिया इत्यादि से मिलते है तथा पार्टी को मोबाइल तथा व्हाट्सअप से चलाते है। विपश्यना की बात कह वो अधिकारी तथा जनता की मीटिंगों से दूर रहते है। और आम लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि महामारी ने न केवल लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया है, बल्कि व्यवसायों और उद्योगों को भी बर्बाद कर दिया है।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा कोविड महामारी की तीसरी लहर, जो बहुत अधिक घातक और संक्रामक होगी, की चेतावनी के बावजूद सीएम अरविंद की वायरस चुनौती से निपटने की कोई विशेष तैयारी नहीं कर रहे है, उनकी तैयारी केवल आश्वासनों और वादों तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि देश में अक्टूबर माह में तीसरी लहर का अनुमान लगाया जा रहा, मुख्यमंत्री तीसरी लहर की तैयारी की जगह चुनावी तैयारी व चंदा उगाही के लिए दिल्ली से गायब है। कोरोना की पहली तथा दूसरी लहर के दौरान केजरीवाल छुप कर बैठ गए थे, अब जब तैयारी का समय तो भाग खड़े हुए है। वें आज कल पंजाब, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड आदि राज्यों का दौरा करने में व्यस्त रहते है, क्योंकि वहां अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे। उन्होंने कि अरविन्द के इन झूठे वादों और गैर जिम्मेदारान रवैय ने दिल्ली को विकास की ओर से कई वर्ष पिछे कर दिया है।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि यह विडंबना है कि अरविंद सरकार ने दिल्ली के तीन डॉक्टरों को पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र को कोविड से संबंधित नौकरियों पर उनके सराहनीय काम के लिए सिफारिश करने का फैसला किया है, हालांकि अभी तक उनके द्वारा घोषित ‘कोविड ड्यूटी‘ के दौरान हुई मृतक के परिवारों को 1 करोड़ रूपए देने का वायदा पूरा नहीं किया गया है जिसमें कई डॉक्टर भी शामिल है, जिनकी मौत ‘कोविड ड्यूटी‘ के दौरान हो गई है।
अरविंद केजरीवाल तथा भाजपा से हाल ही में दिल्ली कांग्रेस ने ‘पश्च्याताप यात्रा’ निकालने की बात कही थी। अगर केजरीवाल वास्तव में ‘विपश्याना’ में जाकर युवाओं से किये रोजगार के वादे , महिला सुरक्षा के वादे, विधायकों के तनख्वाह वृद्धि, कोरोना काल में दिल्ली को असहाय छोड़ने, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे बड़े-बड़े वादे पर पश्च्याताप तथा आत्मचिंतन करते है तो कांग्रेस को कोई शिकायत नहीं होगी।
