आप माइनॉरिटी विंग ने सर सैय्यद को श्रद्धांजलि देने के लिए सोशल मीडिया पर चलाया कैम्पैन।

आप माइनॉरिटी विंग ने श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि सोशल मीडिया टीम ने फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप पर बड़े पैमाने पर देश भर में सर सैयद अहमद खान को श्रद्धांजलि देने व उनकी सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया।

                                    सर सैयद अहमद ख़ान (17 अक्टूबर 1817 – 27 मार्च 1898)

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद सर सैयद अहमद खान के जन्मदिन पर आम आदमी पार्टी माइनॉरिटी विंग के सोशल मीडिया विभाग की ओर से सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 इस अवसर पर माइनॉरिटी विंग दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हाजी यूनुस ने बताया कि माइनॉरिटी विंग के पदाधिकारियों ने कई जगह ना केवल कार्यक्रमों का आयोजन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि सोशल मीडिया टीम ने फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप पर बड़े पैमाने पर देश भर में सर सैयद अहमद खान को श्रद्धांजलि देने व उनकी सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जो काफी हद तक सफल रहा। इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश सोशल मीडिया टीम के इंचार्ज मतलूब राणा ने बताया कि माइनॉरिटी विंग की ओर से समाज के महापुरुषों को याद करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, इसी कड़ी में 2 दिन पूर्व ही एपीजे अब्दुल कलाम साहब को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम किया गया था, आज का सोशल मीडिया कम्पैन भी इसी अभियान का हिस्सा था।
उल्लेखनीय है कि सर सैयद अहमद ख़ान (17 अक्टूबर 1817 – 27 मार्च 1898) महान शिक्षक और नेता थे जिन्होंने भारत के मुसलमानों के लिए आधुनिक शिक्षा की शुरुआत की। इन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की । उनके प्रयासों से अलीगढ़ क्रांति की शुरुआत हुई, जिसमें शामिल बुद्धिजीवियों और नेताओं ने भारतीय मुसलमानों को शिक्षित करने का काम किया। सय्यद अहमद १८५७ के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी शामिल रहे, बाद में उस संग्राम के विषय में उन्होने एक किताब लिखी: असबाब-ए-बग़ावत-ए-हिन्द, जिसमें उन्होने ब्रिटिश सरकार की नीतियों की आलोचना की। ये अपने समय के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम नेता थे। उन्होंने उर्दू को भारतीय मुसलमानों की सामूहिक भाषा बनाने पर ज़ोर दिया।