‘स्मार्ट लाइब्रेरी’ से डिडौली गांव में शिक्षा के प्रति जागरुकता का अनोखा प्रयास।

डिडौली एक ऐसा गांव है जहां के युवाओं ने सिर्फ तीन महीने में बना डाली "स्मार्ट लाइब्रेरी" जो एक मिसाल बन गया।

आप कागज़ो पर पिछले दिनों स्मार्ट गांव की चर्चा तो खूब सुना है। कागज़ पर इस लिए के अभि तक आप ने स्मार्ट गांव जिसे नेताओं के ज़रिए गोद लिए जाने की खबर खूब अख़बारों में पढ़ा है लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त इस से कहीं कोसों दूर है। इसी क्रम में स्मार्ट गांव की खोज में निकले जर्नलिज्म टुडे संवाददाता तो स्मार्ट गांव तो नही मिल सका “स्मार्ट लाइब्रेरी” ज़रूर देखने को मिल गया। यह स्मार्ट लाइब्रेरी ज़मीन पर मौजूद अपने शांदार और तकनीक होने का प्रतीक बना हुआ है और एक मिसाल बन कर दूसरे गांव के लिए एक सपना से कम नहीं है लेकिन इस सपने को गांव के युवाओं ने मिलकर साकार किया है जो आज चर्चा का विषय बन गाया हैं जानें विस्तार से हमारे जर्नलिज्म टुडे संवाददाता की रिपोर्ट में:

  • अब रोजाना कई गांव के छात्र आते हैं पढ़ने
  • स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए किसी ने डोनेट की अपनी बुक्स तो किसी ने दिया डोनेशन
  • तीन साल पुराने आइडिया को तीन माह में युवाओं ने किया साकार
  • स्मार्ट लाइब्रेरी से डेवलप हो रहा है डिडौली क्षेत्र में बेहतर स्टडी का इनवॉयरमेंट

उत्तर प्रदेश/अमरोहा: स्मार्ट शब्द का नाम सुनते ही हमारे जहन में किसी बड़े महानगर का ख्याल आता है। पर जब बात स्मार्ट लाइब्रेरी की हो तो बेशक किसी बड़े शहर के उत्कृष्ट शिक्षा संस्थान का ध्यान आना स्वभाविक है। लेकिन आज हम जो आपको बतलाना चाहते हैं वे बिल्कुल अपने आप में यूनिक है। ये यूनिक इसलिए है क्योंकि एक सामान्य से गांव में गांव के कुछ युवाओं ने स्मार्ट लाइब्रेरी बना डाली है। युवाओं ने महज तीन माह में स्मार्ट लाइब्रेरी को तैयार किया है। “Wake Up Youngsters” नामक गैर सरकारी संगठन द्वारा अमरोहा के डिडौली गांव में Smart library शुभारंभ किया है। ये आइडिया है जामिया से पास आउट वसीम अहमद का। इस आइडिया को इंपलीमेंट किया है उनकी टीम और गांव के लोगो ने मिलकर।

ई-लर्निंग की सुविधा के लिए kindle भी उपलब्ध

बीते दिन स्मार्ट लाइब्रेरी का उद्धघाटन किया गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, अमरोहा के सांसद दानिश अली और कालकाजी दिल्ली से विधायक और प्रख्यात शिक्षाविद आतिशी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। अपने वक्तव्य में प्रमुख वक्ताओं ने wake up youngsters के इस प्रयास की सराहना की। गांव में खोली गई इस लाइब्रेरी को क्षेत्र में शिक्षा के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस स्मार्ट लाइब्रेरी में सभी तरह की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी । यहां पर इंटरनेट, प्रोजेक्टर, के साथ ई-लर्निंग की सुविधा के लिए kindle भी उपलब्ध हैं।

20 से 25 गांव के छात्रों को मिलेगा स्मार्ट लाइब्रेरी का लाभ

अमरोहा के डिडौली गांव में खुली इस लाइब्रेरी का करीब 20 से 25 गांव के छात्रों को लाभ मिलेगा। खुद डिडौली गांव में 8 से 10 हजार छात्र हैं। गांव में सरकारी और निजी मिलाकर 7 से 8 स्कूल खुले हैं। पर लाइब्रेरी कहीं नहीं है। ऐसे में ये लाइब्रेरी न सिर्फ क्षेत्र के लिए बल्कि गांव में भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इस स्मार्ट लाइब्रेरी में पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलने के साथ छात्रों को करिअर मार्गदर्शन भी माह में एक से दो बार मिलेगा। युवाओं में सुसाइड के बढ़ते हुए मामलों को देखकर मोटिवेशनल क्लासेस भी कंडक्ट कराई जाएंगी। ताकि ऐसे मामलों में कमी आ सके।

सामुदायिक सहयोग से जुटाए गए संसाधन

वसीम अहमद स्मार्ट लाइब्रेरी के बारे में जर्नलिज्म टुडे से बात करते हुए बतलाते हैं कि हम लोग सभी संसाधन सामुदायिक सहयोग से जुटाए हैं। हमें एक कमरे का मकान बना बनाया मिला था। जिसमें समाज के सहयोग से 2.5 लाख रूपए लगाकर हम इसे स्मार्ट लाइब्रेरी की शक्ल दी है। लोगों ने पुस्तकें भी स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए काफी संख्या में दान की हैं। कई ऑनलाइन पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गईं हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी और स्मार्ट लाइब्रेरी खोलने की उनकी योजना आंगे भी है। आने वाले दिनों में हमारा प्रयास रहेगा कि अपने इस पयालेट प्रोजेक्ट को और भी विस्तार दें। इस में हमारे साथ बड़ी संख्या में युवाओं का साथ खड़ा होना यह एक बड़ी कामयाबी की बात है क्योंकी अगर युवा आज सकारात्मक सोच लेकर आगे बढ़ेंगे तभी हमारे देश में एक बेहतर माहौल भी बना रहेगा।

टीम वेक अप यंगस्टर्स जिन्हों ने अमरोहा के गांव का नाम रोशन किया है इनके नाम इस प्रकार से हैं:
 1.सौरभ मिश्रा
 2. मोहम्मद शाहरोज
 3. भास्कर
 4. वसीम अहमद
 5.मैराज तुर्की
 6. मोहम्मद सिराज
 7. उमेश कुमार
 8.मोहसिन कमल पाशा
 9.अज़ीम अहमद
 10.शेख फरहान
 11.शुएब पाशा
 12.विजय कुमार
 13.कामिल
 १४.यति
 15 मयंक (पुस्तकालय के वास्तुकार)
 16. उवैसी
 17. दामिनी
 18. नक़ी
 19. शैलेष

J. TODAY