हरिद्वार में ‘धर्म संसद’ को लेकर विदेशी मीडिया में घिरा भारत,ISIS,Hitler से भी ज़्यादा घातक बताया

उत्तराखंड के हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर को धर्म संसद का आयोजन किया गया था जिसे लेकर वि’वाद खड़ा हो गया है. यह संसद जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए साधु-संतों ने हिंदु’त्व को लेकर कई विवा’दित बयान दिये. जिसके चलते उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.उत्तराखंड के हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर को धर्म संसद का आयोजन किया गया था जिसे लेकर वि’वाद खड़ा हो गया है. यह संसद जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए साधु-संतों ने हिंदु’त्व को लेकर कई विवा’दित बयान दिये. जिसके चलते उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

इन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले को लेकर विदेशों में भी खूब चर्चा हो रही है. वहीं पाकिस्तान के सभी न्यूज़ चैनलों और अख़बारों ने इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है.

ब्रिटिश न्यूज़ पेपर बाइलाइन टाइम्स के पत्रकार सी जे वार्ल्मन ने भी धर्म संसद को लेकर तीखी टिप्प’णी की है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में हिंदुत्व की तुलना हिटलर के यहूदीवाद से की है. वार्ल्मन लिखते है कि यहूदीवाद और हिंदुत्व दोनों एक ही हैं.

वहीं कई खबरों ने यति नरसिंहानंद गिरी के बयान को जगह दी है. गिरी ने धर्म संसद के दौरान कहा था कि ह’थिया’र उठाए बिना धरती पर कोई कौम ना तो बच सकती है और ना ही कभी बचेगी.

यहूदीवाद और हिंदुत्व दोनों एक ही हैं

इस मुद्दे को लेकर अमेरिका की टेनिस स्टार मार्टिना नवरातोलिया ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने धर्म सभा के कार्यक्रम का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि ये हो क्या रहा हैं?