198 करोड़ रुपए वापस लेने कोर्ट पहुंचा इत्र व्यापारी पीयूष, कहा 52 करोड़ का टैक्स काटकर बाक़ी दे दो

जानें कौन हैं पीयूष जैन?

पीयूष जैन मूलरूप से कन्नौज के छिपत्ती के रहने वाले हैं और वर्तमान में जूही थानाक्षेत्र के आनंदपुरी में रहते हैं। पीयूष इत्र कारोबारी है और इनकी फैक्ट्री कन्नौज की इत्र वाली गली में स्थिति हैं। वहीं से पीयूष जैन अपना कारोबार चलाते हैं। इनके कन्नौज, कानपुर के साथ मुंबई में भी ऑफिस हैं। कन्नौज स्थित फैक्ट्री से इत्र मुंबई जाता है। यहां से इत्र पूरे देश और विदेश में बेचा जाता है। इनकम टैक्स विभाग को पीयूष जैन की करीब 40 कंपनियां की जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से पीयूष अपना इत्र कारोबार चला रहे थे। आज भी कानपुर की ज्यादातर पान मसाला यूनिट, पान मसाला कम्पाउंड पीयूष जैन से ही खरीदती है।

DGGI ने किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि पीयूष जैन को रविवार 26 दिसंबर की देर रात डीजीजीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। 27 दिसंबर को पीयूष जैन का मेडिकल कराया गया और कोर्ट में पेश किया गया। जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पीयूष जैन को जीएसटी की धारा 132 के तहत जेल भेज दिया गया था। इस दौरान जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने बताया कि पीयूष जैन ने स्वीकार किया है कि रिहायशी परिसर से बरामद नकदी बिना जीएसटी के माल की बिक्री से जुड़ी है।

52 करोड़ की बनती है देनदारी

टंडन की मानें तो डीजीजीआई ने 32 करोड़ रुपए का टैक्स बनाया है, पैनाल्टी मिलाकर 52 करोड़ की देनदारी बनती है। उन्होंने बताया कि अभी जांच चल रही है। कन्नोज में कितना सोना और पैसा मिला अभी उसकी डिटेल नहीं आई है। अब तक पीयूष के सात ठिकानों पर छापेमारी की गई है जहां टैक्स चोरी पाई गई है। इस केस में जीएसटी चोरी करने के लिए जिस तरीके को अपनाया गया और केस से जुड़े बाकी लोगों से भी पूछताछ होनी है।

अकूत दौलत मिलने के मामले गिरफ्तार पीयूष जैन द्वार कोर्ट में एक आवेदन किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मेरे ऊपर टैक्स चोरी और पेनाल्टी समेत 52 करोड़ रुपए का टैक्स बनता है। डीजीजीआई 52 करोड़ रुपए का टैक्स और पेनाल्टी काटकर बाकी रकम मुझे वापस कर दें। दरअसल, डीजीजीआई अहमदाबाद ने बरामद कैश को दर्नओवर की रकम माना है। ऐसे में पीयूष सिर्फ पेनाल्टी की रकम अदा कर जमानत हासिल कर सकता है। बता दें, पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज स्थित ठिकानों से 196.45 करोड़ रुपए कैश मिले थे। इतनी बड़ी रिकवरी होने के बाद डीजीजीआई ने पीयूष जैन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से पीयूष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कानपुर जिला जेल भेज दिया गया था। इस वक्त पीयूष जेल में बंद है।