गुड़ के कई प्रकार और उनके फायदे, कौन सा है आपके लिए बेस्ट
आमतौर पर गन्ने के रस से गुड़ (Jaggery) तैयार किया जाता है जो आसानी से बाजार में मिल जाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि गुड़ की कई किस्में (Types) होती हैं और उन सभी को अपना अलग न्यूट्रिशनल वैल्यू होते हैं. दरअसल गुड़ अनरिफाइंड होता है जिस वजह से इसमें भरपूर मात्रा में खनिज लवण पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस भी पाए जाते हैं. इस वजह से इसे चीनी से कहीं अधिक हेल्दी माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि गुड़ कितने प्रकार के होते हैं और इनके खाने के क्या-क्या फायदे

गुड़ (Jaggery) एक प्राकृतिक स्वीटनर है जिसे आप अपनी डाइट में कई तरह से प्रयोग कर सकते हैं. आप चाहें तो गुड़ को चीनी के विकल्प के रूप में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. गुड़ की मदद से ढेरों स्वादिष्ट चीजें तैयार की जाती हैं. आमतौर पर गन्ने के रस से गुड़ तैयार किया जाता है जो पूरे साल आसानी से बाजारों में मिल जाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि गुड़ की कई किस्में (Types) होती हैं और उन सभी का अपना अलग अलग न्यूट्रिशनल वैल्यू (Nutritional Value) है. हेल्थ शॉट के मुताबिक, गुड़ अनरिफाइंड होता है जिस वजह से इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस पाए जाते हैं. इस वजह से इसे चीनी से कहीं अधिक हेल्दी माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि गुड़ कितने प्रकार के होते हैं और इनके खाने के क्या क्या फायदे (Health Benefits) हैं.
गुड़ के प्रकार और उनके फायदे
1.गन्ने का गुड़
गन्ने का गुड़ सबसे ज्यादा लोकप्रिय और इस्तेमाल किया जाता है. यह गुड़ गन्ने के रस (Sugarcane Juice) से बनाया जाता है. इस गुड़ का अलग ही स्वाद और बनावट होती है. इसमें कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं. मसलन, कैल्शियम, आयरन, जिंक और फॉस्फोरस आदि. इसके सेवन से एनीमिया जैसी बीमारी से बचा जा सकता है. गन्ने का गुड़ हमारे लिवर को भी डिटॉक्सीफाई करता है और इम्युनिटी को बूस्ट करता है. इसका रंग हल्का पीला से भूरा रंग लिये होता है.
नारियल का गुड़ दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा प्रचलित है. नारियल से बने रस में कई जरूरी मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स होते हैं जो इसे हेल्दी बनाने का काम करते हैं. नारियल के गुड़ को अनफर्मेंटेड रस से बनाया जाता है. यह गुड़ थोड़ा सख्त होता है. नारियल के गुड़ में भी आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर में एनिमिया जैसी समस्याओं को ठीक करने में सहायक होता है . इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो खांसी-जुकाम जैसी बीमारियों में एक अच्छे घरेलू नुस्खे के रूप में काम आता है. इसमें सोडियम, आयरन और पोटेशियम जैसे जरूरी तत्व होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रण करने में मदद करते हैं. यह पिरामिड के आकार का गहरा भूरा रंग लिए बाजार में मिलता है.
3.खजूर का गुड़
खजूर का गुड़ भारत के पूर्वी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में काफी प्रचलित है. इसे पाताली गुड़ भी कहा जाता है. खजूर का गुड़ खजूर अर्क से बनाया जाता है. बता दें कि खजूर के अर्क में कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन-बी, विटामिन-सी, आयरन और कैल्शियम जैसे कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर की कई न्यूट्रिएंट्स की कमी को पूरा करने में सक्षम हैं. खजूर से बने गुड़ से माइग्रेन के दर्द को ठीक किया जा सकता है. इसकी खासियत ये भी होती है कि ये मुंह में आसानी से घुल जाता है. इसकी खुशबू भी खास होती है. इन सबके अलावा, पामिला और ताड़ के रस से भी गुड़ बनाया जाता है जो बहुत ही रेयर हैं.
