लखीमपुर हिंसा का आरोपी आशीष मिश्रा की जेल से हुई रिहाई.

लखीमपुर हिंसा मामले का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मंगलवार को जेल से रिहा हो गया. उसे हाई कोर्ट ने 10 फरवरी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.

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लखीमपुर हिंसा मामले का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मंगलवार को जेल से रिहा हो गया. कोर्ट ने उसे 3-3 लाख की जमानत राशि पर जेल से रिहा करने क आदेश दिया था. जिसे जमा कराने के बाद आशीष को जेल से रिहाई मिल गई.

पिछले साल 3 अक्टूबर को हुई थी हिंसा

आशीष मिश्रा देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का बेटा है. पिछले साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा (Lakhimpur Violence Case) हुई थी. जिसमें 4 किसानों समेत 7 लोग मारे गए थे. इस मामले में आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी माना गया था. घटना के करीब 6 दिन बाद 9 अक्टूबर को आशीष मिश्रा को अरेस्ट किया गया था. तब से वह जेल में बंद था.

हाई कोर्ट ने मंजूर की थी आशीष की बेल

आशीष मिश्रा ने जेल से अपनी रिहाई के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बैंच में अर्जी दाखिल की थी. कोर्ट ने उसकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए पिछले गुरुवार को उसकी जमानत मंजूर कर ली थी. कोर्ट ने कहा था कि कागजी कार्रवाई पूरी कर आशीष को जेल से रिहा कर दिया जाए. हालांकि आदेश के बावजूद आशीष जेल से नहीं निकल पाया. इसकी वजह हाई कोर्ट के आदेश में 2 धाराओं का न होना था.

129 दिनों तक जेल में रहा मुख्य आरोपी

इस मसले पर हाई कोर्ट का स्पष्टीकरण आने के बाद आशीष मिश्रा को मंगलवार को जेल से रिहाई दे दी गई. लखीमपुर हिंसा मामले (Lakhimpur Violence Case) का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा कुल 129 दिनों तक जेल में रहा है. आशीष मिश्रा ने लखीमपुर जिला जज के पास बेल बॉन्ड और जमानतदारों के कागज जमा किए. जिनके वेरिफिकेशन के बाद उसे रिहाई दे दी गई.

बताते चलें कि लखीमपुर के तिकुनिया गांव में केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में किसा प्रदर्शन कर रहे थे. उसी दौरान 3 अक्टूबर 2021 को पीछे से आए कारों के काफिले ने किसानों को रौंद (Lakhimpur Violence Case) दिया था. इस हिंसा में 4 किसानों के अलावा तीन बीजेपी कार्यकर्ता और एक पत्रकार की मौत हो गई.

SIT ने 9 अक्टूबर को किया था अरेस्ट

इस घटना के बाद किसान जगजीत सिंह ने आशीष मिश्रा समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया. जबकि बीजेपी पार्षद सुमित जायसवाल ने 6 अक्टूबर को अज्ञात किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाया. इस मामले में बढ़ते दबाव के बाद 5 अक्टूबर को SIT का गठन किया गया. जिसने 9 अक्टूबर को आशीष मिश्रा को पूछताछ के बहाने बुलाकर अरेस्ट कर लिया था.

input:zeenews